“सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज” केअंतर्गत स्टार्टअप एवं इन्क्यूबेशन इकोसिस्टम पर एक दिवसीय व्याख्यान आयोजित

प्राचार्य डॉ.सुचित्रा गुप्ता के मार्गदर्शन एवं इन्क्यूबेशन सेल के समन्वयक डॉ. संजय ठिसके केनिर्देशन में, इन्क्यूबेशन सेल एवंवाणिज्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “सेवा संकल्प अभियान” के अंतर्गत “सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज” की भावना के अनुरूप “Startup & Incubation Ecosystem” विषय पर एक दिवसीयविशेष व्याख्यान का आयोजन महाविद्यालय के मुक्तिबोध सभागार में दिनाक 13 अक्टूबर 2026 कोकिया। कार्यक्रम को विकसित भारत अभियान से जोड़ते हुए युवाओं में नवाचार, उद्यमिता एवं स्टार्टअप संस्कृति कोप्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया गया।

“Seva First Innovation Challenge– Nurturing Innovation and Entrepreneurial Potential of Young People of Bharat”कीमूल भावना के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को समाज,कृषि,पर्यावरणएवं स्थानीय स्तर की समस्याओं की पहचान कर उनके लिए नवाचारी, उपयोगीएवं उद्यमिता आधारित समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम केमाध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि युवा शक्ति के नवाचार एवंउद्यमिता को प्रोत्साहित कर विकसित भारत@2047 के संकल्प कोसाकार करने में उच्च शिक्षण संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

महाविद्यालय की प्राचार्य एवंकार्यक्रम की संरक्षक डॉ. सुचित्रा गुप्ता ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण मेंयुवाओं, नवाचार और उद्यमिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। उच्च शिक्षा संस्थानोंको विद्यार्थियों में ऐसी सोच विकसित करनी चाहिए जिससे वे केवल रोजगार प्राप्तकरने वाले न बनें, बल्कि अपने ज्ञान एवं नवाचार के माध्यम सेरोजगार सृजक भी बन सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को इन्क्यूबेशन सेल से जुड़करअपने अभिनव विचारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री आशीष वर्मा,COO/Business Manager, RKVY-RAFTAAR Agribusiness Incubator (IGKV R-ABI), इंदिरागांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर रहे। उन्होंने “IgniteYour Startup Idea” विषय पर व्याख्यान देते हुए स्टार्टअप कीअवधारणा, नवाचारी आइडिया की पहचान, बिजनेस मॉडल, इन्क्यूबेशन,मेंटरशिप,फंडिंगतथा उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया को सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों केमाध्यम से समझाया।

श्री वर्मा ने विशेष रूप से कृषि एवंएग्री-बिजनेस स्टार्टअप की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़में उपलब्ध कृषि एवं जैव संसाधनों को देखते हुए कृषि प्रसंस्करण, खाद्यएवं मूल्य संवर्धित उत्पाद, जैविक उत्पाद, कृषि अपशिष्ट कामूल्यवर्धन, स्मार्ट एग्रीकल्चर, डिजिटलएग्रीकल्चर तथा किसानों को बाजार से जोड़ने वाली तकनीकों में स्टार्टअप की व्यापकसंभावनाएं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं पर आधारित नवाचारविकसित कर उन्हें इन्क्यूबेशन एवं उद्यमिता के माध्यम से व्यावसायिक रूप देने केलिए प्रेरित किया। व्याख्यानके दौरान ZORKO एवं PHASAL BAZAR APP जैसे उदाहरणोंतथा छत्तीसगढ़ के कृषि एवं एग्री-बिजनेस क्षेत्र से जुड़े स्टार्टअप प्रयासों काउल्लेख करते हुए यह समझाया गया कि किस प्रकार एक सामान्य विचार को उचितइन्क्यूबेशन, तकनीकी मार्गदर्शन, बिजनेस मेंटरिंगएवं वित्तीय सहयोग के माध्यम से सफल उद्यम में परिवर्तित किया जा सकता है। साथ ही IGKVR-ABI जैसे इन्क्यूबेशन प्लेटफॉर्म द्वारा कृषि आधारित नवाचारों एवं युवाउद्यमियों को प्रदान किए जाने वाले मार्गदर्शन के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। अंत में श्रीवर्मा ने IGKV R-ABI, रायपुरके माध्यम से नवाचार एवं कृषि-उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए संचालितविभिन्न स्टार्टअप एवं इन्क्यूबेशन कार्यक्रमों की जानकारी भी विद्यार्थियों सेसाझा की। उन्होंने TEJAS, ABHINAV,UDBHAV एवं   COHORT 8.0 जैसेकार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए बताया कि इन पहलों के माध्यम से नवाचारी विचारोंकी पहचान, आइडियाको व्यवसायिक स्वरूप प्रदान करने,उद्यमिता कौशल विकसित करने, मेंटरशिप, इन्क्यूबेशनतथा स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाता है।

कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. संजय थिस्केने स्टार्टअप एवं इन्क्यूबेशन गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुएविद्यार्थियों को सेवा, नवाचार और उद्यमिता को एक साथ जोड़करसमाजोपयोगी स्टार्टअप आइडिया विकसित करने हेतु प्रोत्साहित किया। इस अवसर परवाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. एस. के. उके एवम् प्रज्ञा मिश्रा सहित विभाग के समस्तप्राध्यापकगण तथा महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्राध्यापक उपस्थित रहे।सुश्री वंदना मिश्रा, डॉ. केशव राम आडिल, श्री लिकेश्वर सिन्हा आयोजन सचिव तथा श्रीचिरंजीव पाण्डेय एवं योगेश्वरकुमार ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम में वनस्पति विज्ञान,रसायनविज्ञान, वाणिज्य, सूक्ष्मजीव विज्ञान, प्राणी विज्ञान,कंप्यूटरसाइंस, भौतिक विज्ञान, कला संकाय सहित अन्य विभागों के लहभग147 विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों नेस्टार्टअप आइडिया, कृषि-उद्यमिता, इन्क्यूबेशन,फंडिंगएवं नवाचार से जुड़े प्रश्न पूछे और विशेषज्ञ से मार्गदर्शन प्राप्त किया।

कार्यक्रम का संचालन श्री लिकेश्वरसिन्हा एवम् धन्यवाद ज्ञापन सुश्री वंदना मिश्रा द्वारा किया गया ।

कार्यक्रम ने “सेवा से नवाचारऔर नवाचार से विकसित भारत” की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुएविद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा एवं ज्ञान का उपयोग समाजोपयोगी समाधान और स्टार्टअपविकसित करने की दिशा में प्रेरित किया। कार्यक्रम का सफल आयोजन इन्क्यूबेशन सेलएवं वाणिज्य विभाग, शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तरमहाविद्यालय, राजनांदगांव द्वारा किया गया।