शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तरमहाविद्यालय राजनांदगांव, केअर्थशास्त्र विभाग में अर्थशास्त्र परिषद का गठन किया गया । उक्त कार्यक्रम प्राचार्यडॉ. सुचित्रा गुप्ता के मार्गदर्शन में एवं अर्थशास्त्रविभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सुमीता श्रीवास्तव के निर्देशन में किया गया । कार्यक्रममें अतिथि विद्वान के रूप में डॉ.रविन्द्र ब्रह्मे प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्रअध्ययनशाला पं. रविशंकर शुक्ल विश्विद्यालय रायपुर (छ.ग.)उपस्थित रहे। कार्यक्रमके प्रारंभ में विभागाध्यक्ष डॉ. सुमीता श्रीवास्तव ने स्वागत उद्बोधन दिया एवं प्रावीण्यता के आधारपर मनोनीत पदाधिकारीयों के नाम की घोषणा की I अध्यक्ष कु. प्रियदर्शनी धुर्वे,उपाध्यक्ष कु. केशर साहू, सचिव कु. ऐश्वर्या जैन, सहसचिव कु. गणेश्वरी मनोनीत हुए। इसके साथ ही कार्यकारिणी सदस्य के रूप में कु. प्रणीता, कु.निशा सांग, श्री रविकुमार डोंगरे एवं श्री लोकेन्द्र बने । मुख्य वक्ता डॉ.रविन्द्र ब्रह्मे ने “भारतकी विकासगाथा एवं वर्तमान चुनौतियाँ” विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंनेवैश्विक स्तर पर विभिन्न देशो की जीडीपी एवं प्रति व्यक्ति आय की तुलना में भारतकी जीडीपी एवं प्रति व्यक्ति आय के अंतराल की व्याख्या की I साथ ही उन्होंनेस्पष्ट किया की आज के समय के विकसित देशजैसे अमेरिका पिछले लगभग 150 वर्षो में इतना अधिक विकास कर लिए है, भारत के पास भी2047 तकविकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की संभावनाए विद्यमान है, किन्तु इसके लिएभारत को प्रति व्यक्ति आय में भी काफी वृद्धि करनी पड़ेगी I इस कार्य में युवा वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका हैI उन्होंने युवाओका आह्वाहन किया की वे मोबाईल का ज्ञान प्राप्ति के लिए सदुपयोग करे, क्योकिमानवीय पूंजी आर्थिक विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है I कार्यक्रम का संचालन डॉ. मीना प्रसादद्वारा किया गया । उपर्युक्त कार्यक्रममें विभाग के अतिथि सहायक प्राध्यापक डॉ. खेमारानी , डॉ. दिनेश प्रसाद एवं अर्थशास्त्र विभाग के छात्र एवंछात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. खेमारानीदुबे द्वारा किया गया।