शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव के भौतिक शास्त्र विभाग द्वारा दिनांक 24 अगस्त 2026 को महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सुचित्रा गुप्ता के निर्देशन एवं विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति बाला टांक के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया।
कार्यक्रम में संस्था की प्राचार्य डॉ. सुचित्रा गुप्ता, भौतिक शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति बाला टांक, सहायक प्राध्यापक डॉ. एस. के. पटेल, श्री एल. पी. उर्वशा, अतिथि व्याख्याता डॉ. आर. के. देशमुख, श्री नितेश बंजारे एवं श्री त्रिवेंद्र साहू मंचस्थ रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. सुचित्रा गुप्ता के प्रेरणादायी उद्बोधन से हुआ। उन्होंने राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारत के चंद्रयान-3 मिशन की ऐतिहासिक सफलता की स्मृति में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया जाता है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय भारतीय वैज्ञानिकों, अंतरिक्ष यात्रियों एवं शोधार्थियों की अथक मेहनत, समर्पण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में अपार संभावनाएं हैं और उन्हें हजारों चमकते सूर्यों के समान अपनी प्रतिभा को विकसित करना चाहिए। उन्होंने असफलताओं से सीख लेकर निरंतर आगे बढ़ते रहने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
इसके पश्चात विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति बाला टांक ने अपने उद्बोधन में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के उद्देश्य एवं वैज्ञानिक चेतना के विकास में इसकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. एस. के. पटेल ने अंतरिक्ष विज्ञान एवं राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
श्री एल. पी. उर्वशा ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि जीवन में कितनी भी ऊंचाइयां प्राप्त कर लें, व्यक्ति को सदैव अपनी जड़ों, संस्कारों और मूल्यों से जुड़े रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी।
अतिथि व्याख्याता डॉ. आर. के. देशमुख ने राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के महत्व, भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों तथा अंतरिक्ष विज्ञान की संभावनाओं के संबंध में विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। श्री नितेश बंजारे ने सफलता के लिए आवश्यक चार महत्वपूर्ण शब्दों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेरित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। वहीं श्री त्रिवेंद्र साहू ने विद्यार्थियों को अपनी गलतियों को पहचानकर उनमें सुधार करने तथा निरंतर आत्म-विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए भाषण प्रतियोगिता, पावरपॉइंट प्रस्तुति (PPT) एवं फोटोग्राफी प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति अपनी रुचि, रचनात्मकता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के अगले चरण में भौतिक शास्त्र विभाग के विद्यार्थियों का चयन कर स्नातकोत्तर परिषद का गठन किया गया। चयनित विद्यार्थियों को उनके दायित्वों एवं जिम्मेदारियों का निर्वहन निष्ठापूर्वक करने के लिए प्रेरित किया गया तथा उनके उज्ज्वल शैक्षणिक एवं भविष्य की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार एवं राष्ट्र की अंतरिक्ष उपलब्धियों के प्रति गौरव की भावना विकसित करने में अत्यंत उपयोगी रहा। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए इसे सफल एवं यादगार बनाया।
अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का गरिमामय एवं सफल समापन हुआ।