मेंIQAC द्वारा संपादित गतिविधियों, गुणवत्ता संवर्धन कार्यक्रमों तथा महाविद्यालय कीउपलब्धियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन, शैक्षणिकएवं प्रशासनिक ऑडिट, शोध प्रकाशन, संगोष्ठियों, छात्र-केंद्रित कार्यक्रमों, कौशलविकास, नवाचार,वर्कशॉप, कांफेरेंस, सामुदायिक सहभागिता तथा विभिन्न गुणवत्ता सुधार गतिविधियोंकी जानकारी देते हुए शैक्षणिक सत्र2026-27 के लिएप्रस्तावित कार्ययोजना एवं एजेंडा भी बाह्य सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत किया। सभी सदस्योंने प्रस्तुत कार्ययोजना की सराहना करते हुए अपने बहुमूल्य सुझाव प्रदान किए।
दुर्ग संभागकी अपर संचालक डॉ. अनुपमा अस्थाना ने महाविद्यालय के समग्र विकास हेतु अनेक महत्वपूर्णसुझाव दिए। उन्होंने विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, व्यक्तित्व विकास एवं कौशल संवर्धन को प्रोत्साहितकरने के उद्देश्य से महाविद्यालय में चार हाउसप्रणाली लागू करने का सुझाव दिया। उन्होंने उद्योगों की सहभागिताबढ़ाकर विद्यार्थियों के लिए रोजगार एवं प्लेसमेंट के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर विशेषबल दिया। साथ ही वाणिज्य एवं कला संकाय के विद्यार्थियों के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने, प्रभावी मेंटर–मेंटी प्रणाली विकसित करने तथा विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं परामर्श प्रशिक्षण नियमितरूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
अजीज मेमोरियलचेरीटेबल ट्रस्ट, राजनांदगांवकी प्रतिनिधि डॉ. रूबीना अल्वी ने विद्यार्थियों के कौशल विकास एवं रोजगार की संभावनाओंपर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि एबीस ग्रुप द्वारा विभिन्न रोजगारोन्मुखी डिप्लोमा पाठ्यक्रम एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं,जिनका लाभ विद्यार्थियों को मिल सकता है। एबीस ग्रुप के सहयोग से महाविद्यालयमें केमिस्ट्री लैब एवं क्लास रूम बनाया जा रहा है,जो कि महाविद्यालय के बहुत उपयोगी होगा | उन्होंनेमहाविद्यालय एवं उद्योग के बीच समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों को प्रशिक्षण, इंटर्नशिप एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धताव्यक्त की। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों में स्टार्टअप, स्वरोजगार एवंउद्यमिता को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया।
श्री सतविंदरभाटिया, प्रबंधक, वाणिज्यएवं उद्योग विभाग, राजनांदगांवने विद्यार्थियों को उपलब्ध विभिन्न शासकीय वित्तीयसहायता योजनाओं, अनुदान, सब्सिडी एवंऋण योजनाओं, विशेषकर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) जैसी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देने की आवश्यकतापर बल दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इन योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार एवंउद्यमिता के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमोंको नियमित रूप से संचालित करने का भी सुझाव दिया।
श्री कमलमुंदड़ा, निदेशक, कमलसॉल्वेंट, ने कहा कि वर्तमान समय में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्तनहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को कौशल आधारितशिक्षा एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेषध्यान देना चाहिए। उन्होंने महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए उद्योग आधारित प्रशिक्षणकार्यक्रम आयोजित करने तथा आवश्यक सहयोग प्रदान करने की सहमति व्यक्त की।
समाजसेवी श्रीयोगेश बागड़ी ने वर्ष 2026-27 की प्रस्तावितकार्ययोजना पर चर्चा करते हुए कहा कि कॉर्पोरेट सोशलरिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) निधि का प्रभावीउपयोग विद्यार्थियों के विकास, कौशल संवर्धनएवं अधोसंरचना विकास के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने नियमित पूर्व छात्र सम्मेलन (AlumniMeet) आयोजित करने, विद्यार्थियों को स्टार्टअप एवं उद्यमिता के लिए प्रोत्साहितकरने तथा समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने महाविद्यालयके समग्र विकास एवं गुणवत्ता उन्नयन के लिए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
बैठक में बाह्य सदस्यों द्वारा दिएगए सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उन्हें सत्र 2026-27 की IQAC कार्ययोजना में सम्मिलित करने पर सर्वसम्मति बनी। विशेष रूप सेकौशल आधारित शिक्षा, उद्योग–संस्थान सहभागिता, स्टार्टअपएवं उद्यमिता, भारतीय ज्ञान परंपरा, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, प्लेसमेंट, CSR सहयोग, पूर्व छात्र सहभागिता एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कोआगामी वर्ष की प्राथमिकताओं में शामिल करने का निर्णय लिया गया।
कार्यक्रम का संचालन प्रोफ. वंदना मिश्रा ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से किया। अंत में डॉ. प्रमोद महीस ने सभी बाह्य सदस्यों, अतिथियों, प्राचार्य, IQAC समन्वयकएवं उपस्थित प्राध्यापकों एवं समस्त IQAC सदस्यके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी विशेषज्ञों के सुझाव महाविद्यालय को उत्कृष्टताकी दिशा में आगे बढ़ाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे कहा |
बैठक में निम्न सदस्य उपस्थित रहे— अध्यक्ष डॉ. (श्रीमती) सुचित्रा गुप्ता, डॉ. अनुपमा अवस्थाना, श्री सतविंदर भाटिया,डॉ. रूबीना अल्वी, श्री कमल मुंदड़ा, श्रीयोगेश बागड़ी, श्री दीपक कुमारपरसनिहा, डॉ. सुमिताश्रीवास्तव,डॉ. कवितासाकुरे,NEP अम्बेसडरश्रीलक्की मानस देवांगन, अनन्या स्वर्णकारतथा IQAC समन्वयक श्री यूनुस रजा बेग सहित महाविद्यालय के समस्त IQAC सदस्य एवं प्राध्यापकगणउपस्थित रहे।
जारीकर्ता
आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC)
शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तरमहाविद्यालय, राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)