शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय में प्रयोगशाला तकनीशियन शत्रुघ्न देवांगन का भावभीना विदाई समारोह संपन्न
राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव के प्राणी शास्त्र विभाग में पदस्थ प्रयोगशाला तकनीशियन श्री शत्रुघ्न देवांगन के सेवानिवृत्ति के अवसर पर महाविद्यालय सभागार में विदाई समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. सुचित्रा गुप्ता ने की। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
प्राचार्य डॉ. सुचित्रा गुप्ता ने श्री देवांगन के दीर्घ सेवाकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पूरी निष्ठा, समर्पण एवं अनुशासन के साथ विभाग को अपनी सेवाएं दीं। प्रयोगशाला के सुचारू संचालन में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
डॉ. के.के. देवांगन ने कहा कि श्री देवांगन ने प्रयोगशाला के साथ-साथ महाविद्यालय के प्रत्येक कार्यालयीन कार्य को पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से निभाया। आवश्यकता पड़ने पर वे बिना किसी संकोच के अतिरिक्त दायित्व भी सहर्ष स्वीकार करते थे। उनका अनुशासन और समर्पण भाव सभी कर्मचारियों के लिए प्रेरणा है।
डॉ. डाकेश्वर वर्मा, रसायन शास्त्र विभाग ने कहा कि श्री देवांगन ने रसायन शास्त्र और प्राणी शास्त्र प्रयोगशाला को अपना परिवार समझकर सेवा दी। उनकी कार्य-कुशलता, समय की पाबंदी और छात्रों के प्रति समर्पण अनुकरणीय है। प्रयोगशाला के हर उपकरण और रसायन की जानकारी उन्हें कंठस्थ थी। महाविद्यालय उनके योगदान को सदैव याद रखेगा।
डॉ. मेजर किरण लता दामले, विभागाध्यक्ष, प्राणी शास्त्र विभाग ने कहा कि श्री देवांगन का व्यवहार अत्यंत सहयोगपूर्ण रहा है। उनका सेवाभाव और अनुशासन नए कर्मचारियों के लिए मिसाल है। हम उनके स्वस्थ एवं सुखद सेवानिवृत्त जीवन की कामना करते हैं।
गुरुप्रीत सिंह भाटिया ने कहा कि शत्रुघ्न जी से हमने ईमानदारी और लगन से काम करना सीखा। कार्यालयीन कार्यों में उनकी दक्षता और समय-बद्धता सभी को प्रभावित करती थी। महाविद्यालय उन्हें हमेशा याद रखेगा।
चिरंजीवी पांडे ने कहा कि शत्रुघ्न देवांगन जी प्रयोगशाला हो या ऑफिस का कोई भी कार्य, उन्होंने हर जिम्मेदारी को अपना समझकर पूरा किया। उनका हंसमुख स्वभाव और मददगार प्रवृत्ति हमें हमेशा प्रेरित करेगी। देवांगन न केवल एक कुशल तकनीशियन थे, बल्कि छात्रों के लिए एक अभिभावक की तरह थे। हम उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हैं।
समारोह में महाविद्यालय परिवार की ओर से श्री शत्रुघ्न देवांगन का शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। अपने विदाई उद्बोधन में श्री देवांगन भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय मेरा दूसरा घर है और यहाँ बिताया गया हर पल मेरे लिए अनमोल है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शैलेन्द्र सिंह ने किया। इस कार्यक्रम का आयोजन स्टाफ क्लब के द्वारा किया गया था।