उच्च शिक्षा में “एथिकल एआई” पर 07 दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का सफल समापन
शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में “उच्च शिक्षा में नैतिक एआई एकीकरण : अवसर एवं चुनौतियां” विषय पर आयोजित 07 दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आज सातवें दिवस पर सफल समापन हुआ। यह कार्यक्रम प्राचार्य डॉ. सुचित्रा गुप्ता के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में HRDC (संयोजक: डॉ. प्रीति बाला टांक) एवं IQAC (संयोजक: प्रो. युनूज राजा बेग) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
समापन दिवस पर प्राचार्य डॉ. सुचित्रा गुप्ता ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में बताया कि भारत तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रसर है और विश्व के प्रमुख AI उत्पादक देशों में शामिल होने का लक्ष्य लेकर कार्य कर रहा है। उन्होंने 2047 तक “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने में AI की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक के साथ सामंजस्य स्थापित कर नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम के प्रथम तकनीकी सत्र में विषय विशेषज्ञ के रूप में प्रो. गुलामे मुस्तफा अंसारी (सहायक प्राध्यापक, शासकीय मॉडल कॉलेज सोमनी) ने “Ethics and Challenges of AI” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने एथिक्स के महत्व को रेखांकित करते हुए AI के उपयोग से जुड़ी विभिन्न नैतिक चुनौतियों—जैसे डेटा गोपनीयता, पक्षपात (bias) और जिम्मेदार उपयोग—पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही प्रतिभागियों को Microsoft Copilot पर हैंड्स-ऑन प्रैक्टिस कराकर व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया।
द्वितीय तकनीकी सत्र में डॉ. डीकेश्वर निषाद (सहायक प्राध्यापक, SKS कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन, सुरगी) ने “AI Enabled Agriculture” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन संभव है। AI आधारित एप्लीकेशनों की सहायता से फसलों में रोगों की पहचान, उनके उपचार की त्वरित जानकारी तथा उत्पादन में वृद्धि जैसे कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकते हैं।
इसके पश्चात IQAC संयोजक प्रो. युनूज राजा बेग द्वारा पूरे सात दिवसीय कार्यक्रम का संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने तकनीकी विकास की यात्रा—सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम से लेकर वर्तमान AI युग तक—का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे अनेक चुनौतियों के बाद आज हम इस उन्नत तकनीकी दौर में पहुंचे हैं।
कार्यक्रम के अंत में प्रो. हिरेंद्र बहादुर ठाकुर द्वारा सभी वक्ताओं, आयोजकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस सफल आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. वंदना मिश्रा द्वारा प्रभावी एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया गया।
इस सात दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के सफल आयोजन में HRDC एवं IQAC के सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा। यह कार्यक्रम शिक्षकों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ, जिसने उन्हें आधुनिक तकनीकी चुनौतियों के प्रति सजग एवं सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।