प्राचार्या डॉ सुचित्रा गुप्ता शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव के संरक्षण में HRDC एवं IQAC कमिटी के द्वारा 07 दिवसीय “एथिकल एआई” (Ethical AI) पर आयोजित फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) के दूसरे दिन का आयोजन अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा। कार्यक्रम के प्रारम्भ में प्राचार्य द्वारा AI पर उद्बोधन दिया गया, AI के महत्व के बारे में संक्षिप्त में बताया गया| सत्र की मुख्य अतिथि वक्ता डॉ. अनीता मुर्मू थीं, जो National Institute of Technology Raipur के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग में सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्यरत हैं।
अपने व्याख्यान में डॉ. अनीता मुर्मू ने “एआई टूल्स और उनके अनुप्रयोग” विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने शिक्षा, अनुसंधान तथा स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव को उदाहरणों के माध्यम से समझाया। शिक्षा के क्षेत्र में एआई आधारित स्मार्ट लर्निंग प्लेटफॉर्म, व्यक्तिगत शिक्षण (Personalized Learning) तथा स्वचालित मूल्यांकन प्रणाली की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। वहीं अनुसंधान में डेटा विश्लेषण, मशीन लर्निंग मॉडल्स, NLP, Computer Vision और ऑटोमेशन के महत्व को रेखांकित किया गया। स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के माध्यम से रोगों के शीघ्र निदान, मेडिकल इमेजिंग और हेल्थकेयर मैनेजमेंट में हो रहे नवाचारों की जानकारी भी साझा की गई।
कार्यक्रम का मंच संचालन Dr. Reema Sahu द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया, जिन्होंने पूरे सत्र को व्यवस्थित बनाए रखा। इस अवसर पर प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से सहभागिता करते हुए विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका संतोषजनक उत्तर मुख्य वक्ता द्वारा दिया गया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त किया और आगामी सत्रों के लिए उत्साह व्यक्त किया।
यह सत्र न केवल एआई के नैतिक पहलुओं को समझने में सहायक रहा, बल्कि इसके व्यावहारिक उपयोगों के प्रति भी प्रतिभागियों को जागरूक करने में सफल रहा।