शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय द्वारा सेक्टर स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता काआयोजन दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव (छ.ग.) स्थितऑडिटोरियम में किया जा रहा है इसमें राजनांदगांव का कवर्धा, कोरिया, रामाटोला, गंडई, खैरागढ़की टीमें में भाग ले रही है उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि अतुल रायजादा के साथप्रभारी प्राचार्य डॉक्टर अनिता महिश्वर, डॉक्टरशैलेंद्र सिंह, पी.के.हरी, श्रीदीपक परगनिहा रजिस्ट्रार, डॉक्टरमुन्नालाल नंदेश्वर तथा अनिता नायर उपस्थित थे। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुएप्रारंभ में डॉक्टर शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि शतरंज खिलाड़ियों को एकाग्रता स्मरणशक्ति और तार्किक सोच मजबूत करता है वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीयखिलाड़ी काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं प्रभारी प्राचार्य डॉक्टर अनिता महिश्वर नेकहा कि शतरंज के खेल में योजना बनाने जोखिम समझने और सही समय पर निर्णय लेने कीक्षमता विकसित होती है शतरंज खेलते समय खिलाड़ी को शांत और अनुशासित रहना पड़ता है

              मुख्य अतिथि अतुल रायजादा ने कहाकि शतरंज में उम्र कद काठी या शारीरिक शक्ति का कोई विशेष महत्व नहीं होता सबकीप्रतिभागियों को समान अवसर मिलता है सेक्टर स्तर पर चयनित खिलाड़ी भाग राज्य तथाराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं

              प्रतियोगिता के पहले दौर में पुरुष वर्ग मेंदिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव (छ.ग.) प्रथम, डोंगरगढ़ द्वितीय, शासकीयशिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय तृतीय तथा कवर्धा महाविद्यालय चतुर्थ स्थान पर हैमहिला वर्ग में प्रथम दौर में दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालयराजनांदगांव (छ.ग.) प्रथम, दूसरे स्थान परकमला देवी राठी महिला महाविद्यालय, तीसरे स्थान परनेहरू महाविद्यालय डोंगरगढ़, चैथे स्थान परकहां कवर्धा महाविद्यालय है कार्यक्रम का संचालन क्रीड़ा अधिकारी श्री अरूण चैधरीद्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रोफेसर हिरेन्द्र बहादुर ठाकुर, नरेश वर्मा तथा रामू पार्टी उपस्थित थे।