अमृत महोत्सव निबंध प्रतियोगिता में विनती गुप्ता प्रथम

संचनालय संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग रायपुर तथा कलेक्टर राजनांदगांव के निर्देशानुसार आजादी का अमृत महोत्सवविषय पर आधारित महाविद्यालय स्तर पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में विनती गुप्ता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। प्रतियोगिता के संयोजक डॉ शंकर मुनि राय ने बताया कि प्राचार्य डॉ बी एन मेश्राम के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रतियोगिता में महाविद्यालय के छात्रछात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता का विषय था-“स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के महापुरुषों का योगदान।इस प्रतियोगिता में बीए अंतिम वर्ष की छात्रा विनती गुप्ता को प्रथम तथा बीएससी द्वितीय वर्ष मोहित वर्मा को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। बीएससी प्रथम वर्ष के विद्यार्थी इंद्रकुमार निर्मलकर को तीसरा स्थान मिला है। प्राचार्य ने इस प्रतियोगिता के सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि विजेता विद्यार्थियों को महाविद्यालय के वार्षिक आयोजन में पुरस्कार दिये जाएंगे।

दिग्विजय में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया के वरिष्ठ भू-वैज्ञानिकों का व्याख्यान

Bhabha jyanti celebrated by Physics Department

Bhabha jyanti was celebrated by Physics department , Govt Digvijay college Rajnandgaon on 30 October 2021 . The Chief guest of the programme Dr . B.N. Meshram ,Principal of the college enlighten the personality of Dr. Bhabha and tell about the importance of nuclear programme . of India and the achievement of Dr. H.J.Bhabha . Dr. P.B.Taunk H.O.D. of the  department tells about the life history of Dr. H.J.B habha and give important information about his education , carrier and achievement .

On this occasion a poster presentation was organised and the winners were awarded by chief guest. A quiz competition was also organised in which students of B.Sc.part 3 and M.Sc. 1st and 3 rd semester were participated. Post graduate department counsil was formed on this occasion and inaugurated by chief guest .

This Programe was organised by students of M.sc. physics with the help of Dr.Suresh Patel asstt. Professor Physics and guest lecturer Dr. Sanjay Parganiha, Ms Nandini ans Sukriti deshpanday.

’’ कठिन परिश्रम से ही मिलती है सफलता – आस्था बोरकर’’

शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के इतिहास विभाग द्वारा ’’प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता कैसे प्राप्त करें’’ विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया व्याख्यान के वक्ता सुश्री आस्था बोरकर राज्य सेवा परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त तथा दीपक वर्मा सहा.प्राध्या. परीक्षा में इतिहास विषय में प्रथम स्थान प्राप्त थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में विभागाध्यक्ष डाॅ. शैलेन्द्र सिंह ने व्याख्यान माला की उपयोगिता पर प्रकाश डाला और कहा की दोनो वक्ताओं के अनुभवों का लाभ विद्यार्थियों को प्राप्त होगा जो उनके कैरियर के लिए लाभदायक सिद्व होगा। ऐसे आयोजन से हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करें। महाविद्यालय की प्राचार्या डाॅ. (श्रीमती) बी.एन.मेश्राम ने कहा कि हमारे बीच दो ऐसे विद्यार्थी हैं जिन्होंने राजनांदगांव का नाम प्रदेश स्तर पर ऊंचा किया है। हमारा प्रयास है, कि हम ऐसे विषयों पर व्याख्यान का आयोजन करें जिससे महाविद्यालय के अधिक से अधिक विद्यार्थी लाभांवित हो विद्यार्थियों को कड़ी परिश्रम करनी चाहिए जिससे उन्हें अवश्य सफलता मिलेगी।
आस्था बोरकर ने कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए आपको लक्ष्य का निर्धारण करना होगा। मुख्य परीक्षा से पहले आपको मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार होना चाहिए आपकी तैयारी परीक्षा तिथि से 15 दिनों पहले हो जानी चाहिए और अंतिम समय में आप केवल अच्छे से रिविजन का कार्य करें। सामान्य अध्ययन हेतु आप साक्षात्कार से पहले न्यूज पेपर का अच्छे से अध्ययन करें और मुख्य बातों को नोट करते रहें। श्री दीपक वर्मा ने कहा कि यू.जी.सी. नेट की तैयारी हेतु आप प्रारंभ में सिलेबश के महत्वपूर्व ंिबदुओं पर अपना फोकस करें आप अधिक से अधिक मार्गदर्शन लें, पुरानी प्रश्न पत्रों का अध्ययन करें और देखें कि परीक्षा में प्रश्नों का पैटर्न किस तरह का है आप सही दिशा में तैयारी करोगे तो सफलता आपको अवश्य प्राप्त होगी। व्याख्यान के पश्चात् 01 घंटे तक विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर दोनों अतिथियों द्वारा दिया गया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. शैलेन्द्र सिंह एवं आभार प्रो. हिरेन्द्र बहादुर ठाकुर द्वारा किया गया। व्याख्यान में आस्था बोरकर की माताजी श्रीमती सावित्री बोरकर उनकी बड़ी बहन एवं बड़ी संख्या में महाविद्यालय के छात्र-छात्राऐं उपस्थित थे।

भूगोल विभाग का सामाजिक विज्ञान के लिए सांख्यिकीय पैकेज पर वर्कशाॅप

इस नये शिक्षण सत्र 2021-22 के प्रथम माह में भूगोल विभाग के द्वारा स्वशासी प्रकोष्ठ के सौन्जन्य सेे सामाजिक विज्ञान के लिए सांख्यिकीय पैकेज विषय पर एक सप्ताह (26 जुलाई से 31 जुलाई तक) का आॅनलाईन कार्यशाला भूगोल स्नातकोŸार (ए.एम. द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों एवं भूगोल विभाग में पंजीकृत शोधार्थियों के लिए आयोजित किया गया। इस कार्यशाला के मुख्य वक्ता डाॅ. प्रदीप कुमार चैरसिया सहायक प्राध्यापक, अध्ययन शाला, सांख्यिकी, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर थे।
कार्यशाला के उद्घाटन के अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. बी.एन. मेश्राम ने सामाजिक आर्थिक आंकड़ों के विश्लेषण में एस.पी.एस.एस. तकनीक के प्रभावी उपयोग के महत्व को प्रतिपादित करते हुए विद्यार्थियों से कहा कि वे पूरे सप्ताह इस कार्यक्रम से जुड़कर इसका लाभ उठायंे। डाॅ. कृष्ण नंदन प्रसाद विभागाध्यक्ष ने अपने सम्बोधन में कहा कि भौगोलिक आँकड़ो की प्रक्रिया में पहले मैन्यूअल, फिर कैल्कुलेटर तथा बाद में आॅफसेट सभी तकनीकें बहुत ही थकाने वाली तथा गलतियों की सम्भावना से ओतप्रोत थीं। आज एस.पी.एस.एस. तकनीक न सिर्फ बहुत ही आसान बल्कि अनेकों गलतियों से परे है और कम समय में भिन्न भिन्न
प्रकार के सटीक परिणाम देने में सक्षम है इसलिए इसके उपयोग ने विश्लेषण को और ज्यादा कारगर बना दिया है। कार्यक्रम के आयोजन सचिव डाॅ. अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि एस.पी.एस.एस. पर एक सप्ताह का कार्यशाला पहली बार एक प्रयोग के रूप में आयोजित किया जा रहा है। इसके केन्द्र में भूगोल विभाग को सन 2020-21 में नया शोध केन्द्र बनाने के पश्चात इस सत्र में 09 शोधार्थियों का पंजीयन है। एम.ए. भूगोल के विद्यार्थी भविष्य के शोधकर्ता होंगे। इसलिए उन्हें भी कार्यशाला में शामिल करने का निर्णय लिया गया है।
एस.पी.एस.एस. पर आयोजित इस कार्यशाला में राजनांदगांव जिले के एम.ए. भूगोल पाठ्यक्रम चलाने वाले 05 शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को भी निःशुल्क शामिल किया गया है। ये महाविद्यालय हैं-
1. शासकीय कमला देवी राठी महिला महाविद्यालय राजनांदगांव 2. शासकीय नेहरू स्नातकोŸार महाविद्यालय डोंगरगढ़
3. शासकीय लाल श्याम शाह नवीन महाविद्यालय मोहला 4. शासकीय लाल श्याम शाह महाविद्यालय मानपुर
5. विरांगना अवंती बाई शासकीय महाविद्यालय छुईखदान
डाॅ. प्रदीप कुमार चैरसिया ने एक सप्ताह के एस.पी.एस.एस. पर कार्यशाला में विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए एस.पी.एस.एस. साॅफटवेयर पर भौगोलिक आंकड़ों की एन्ट्री, इस तकनीक से आधारभूत सांख्यिकीय (यथा, माध्य, मानक विचलन तथा विचलन का गुणांक), आँकड़ों का रेखीय प्रदर्शन के विभिन्न पहलू उǔच सांख्यिकीय विधियों (जैसे सहसंबंध, प्रतिपगमन, प्रसरण विश्लेषण, कारक विश्लेषण, प्रधान तत्व विश्लेषण आदि) तथा परिकल्पना जांच हेतु ज स्टूडेन्ट जाँचर्, जाँच, थ् जाँच एवं कई वर्ग परिक्षण विषयों पर लाईव प्रस्तुति देकर सीखने की एक नई ललक पैदा की उन्होने इǔछुक विद्यार्थियों को व्यक्तिगत रूप से आंकड़ों के विश्लेषण में हर कदम पर मदद करने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की ओर से श्री अमित कुमार गंगवार शोध छात्र ने कार्यशाला को बहुत ही उपयोगी बताया और मांग किया कि कोविड 19 के सामान्य होने पर आॅनलाईन की जगह क्लाॅस रूम में इस तरह की कार्यशाला का आयोजन किया जाए जिससे विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से
और ज्यादा इन्ट्रैक्टीव मोड में अधिक लाभान्वित हो सके। प्राचार्य डाॅ. बी.एन. मेश्राम ने उन्हे आश्वस्त किया और कहा कि यह प्रक्रिया भविष्य में जारी रहेगी। आयोजन सचिव डाॅ. अनिल कुमार मिश्रा ने मुख्य वक्ता तथा प्राचार्य द्वारा अमूल्य समय देने
एवं सभी शोधार्थियों व विद्यार्थियों को कार्यक्रम में अधिक संख्या में पूरे सप्ताह शामिल होकर सफल बनाने हेतु धन्यवाद ज्ञापन किया।

दिग्विजय में सांप्रदायिक सद्भावना दिवस पर कार्यक्रम

आज दिनांक 20 नवंबर 2021 को शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा संस्था के प्राचार्य डॉ बीएन मेश्राम के मार्गदर्शन एवं कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर संजय देवांगन एवं प्रोफेसर नूतन देवांगन के निर्देशन में सांप्रदायिक सद्भावना दिवस पर कार्यक्रम मनाया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत सर्वप्रथम स्वयंसेवकों द्वारा महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता कार्य किया गया, तत्पश्चात कार्यक्रम अधिकारी द्वारा स्वयं सेवकों को सांप्रदायिक सद्भावना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गई। गृह मंत्रालय के पत्र अनुसार स्वयंसेवकों द्वारा सांप्रदायिक सद्भाव के लिए फंड इकट्ठा किया गया। स्वयंसेवकों ने फंड इकट्ठा करने के लिए सर्वप्रथम महाविद्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से ही शुरुआत किए एवं इसके पश्चात नगर में रैली निकालते हुए विभिन्न व्यापारियों एवं लोगों को सांप्रदायिक सद्भावना के बारे में जानकारी देते हुए फंड एकत्रित किए। संस्कारधानी के लोगों ने अपनी संस्कार एवं देश प्रेम का परिचय देते हुए खुले दिल से देश के लिए सहयोग राशि प्रदान किए। कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर नूतन देवांगन एवं प्रोफेसर संजय देवांगन ने बताया कि एकत्रित राशि को केंद्र सरकार के सांप्रदायिक सद्भावना प्रतिष्ठान कार्यक्रम में भेजी जाती है। सरकार द्वारा एकत्रित राशि का उपयोग अनाथ बच्चों एवं हिंसक घटनाओं में शहीद हुए सैनिकों के परिवार के कल्याण के लिए खर्च किया जाता है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में वरिष्ठ स्वयंसेवक डालू श्रीवास, राहुल देवांगन, तोमेंद्र साहू सहित 100 स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

मतदाता सत्यापन शिविर आयोजित

शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय, के प्राचार्य डाॅ. बी.एन. मेश्राम के मार्गदर्शन में मतदाता सत्यापन शिविर का आयोजन किया गया। स्वीप के नोडल अधिकारी डाॅ. शैलेन्द्र सिंह ने सभी छात्र/छात्राओं को बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची का संक्षिप्त पुननिरीक्षण हेतु दिनांक 21/11/2021 को विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। दिनांक 01 नवंबर 2021 से 30 नवबंर 2021 तक मतदान केन्द्रों में बी.एल.ओ. एवं अन्य अधिकारियों द्वारा मतदाता सूची में नाम जोडने, विलोपित करने व आवश्यक संशोधन की कार्यवाही की जा रही है। भारत निर्वाचन आयोग के वेबसाइड राष्ट्रीय मतदाता पोर्टल www.nsvp.in  पोर्टल एवं मोबाईल एप्प, Mobile Helpline द्वारा वोटर आई डी कार्ड में हुई त्रुटि में आवश्यक सुधार किया जा सकता है। इस एप के माध्यम से मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन व सुधार, नाम जोडने तथा पता परिवर्तन का कार्य स्वयं कर सकते है। महाविद्यालय में आॅनलाईन पंजीकरण की सुविधा भी कम्प्यूटर विभाग में उपलब्ध कराई जा रही है। इस अवसर पर प्रो. हीरेन्द्र बहादुर ठाकुर, प्रो. हेमलता साहू तथा कैम्पस एम्बेसडर डालू सिंह तथा सोनल वर्मा ने भी उपस्थित सभी छात्र/छात्राओं को आवश्यक जानकारी प्रदान की।

गणित विभाग में वैल्यू ऐडेड सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ

सीखना ज्ञान की कुंजी है और निरंतर सीखना हमारे महाविद्यालय का उद्देश्य है। आज के प्रतिस्पर्धी युग में उभरती चुनौती से निपटने के लिये उच्च स्तर की सोच एवं ज्ञान की आवश्यकता है इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव के गणित विभाग द्वारा वैल्यू ऐडेड सर्टिफिकेट कोर्स ’’साइंटिफिक डाक्यूमेंट प्रिपेरेशन यूसिंग लैटेक्स’’ विषय पर प्रारंभ किया गया है। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. बी.एन. मेश्राम ने कहा कि बदलते वैश्विक परिवेश ने दुनिया को और प्रतिस्पर्धी बना दिया है। इस चुनौती से निपटने के लिए विद्यार्थी के ज्ञान के स्तर एवं कौशल विकास को बढ़ाना होगा ताकि विद्यार्थी आसानी से रोजगार या स्वरोजगार प्राप्त कर सके।
इस पाठ्यक्रम के कोर्स कोआर्डिनेटर डाॅ. हेमंत कुमार साव एवं श्रीमती कविता साकुरे ने बताया कि इस पाठ्यक्रम के प्रशिक्षण सत्र में 30 दिनों तक 30 घंटे के लिये सैद्धांतिक सत्र एवं प्रायोगिक अवधारणा सत्र दोनों शामिल किया गया है। यह पाठ्यक्रम 20-10-2021 से प्रारंभ होकर 24-11-2021 को संपन्न होगा। विभिन्न स्तरों पर विद्यार्थी के मूल्यांकन एवं प्रदर्शन के आधार पर कोर्स सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। इस पाठ्यक्रम में सफल होने वाले विद्यार्थी अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ कैरियर कौशल विकास का ज्ञान भी आर्जित करेगा। इस कोर्स के संयोजक विभागाध्यक्ष डाॅ. शबनम खान एवं सह संयोजक डाॅ. के.के. देवांगन ने बताया कि इस पाठ्यक्रम में विद्यार्थी अपने नियमित डिग्री के साथ एक कौशल विकास का अतिरिक्त सर्टिफिकेट प्राप्त करेगा जो कि उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन तथा यू.जी.सी. नई दिल्ली द्वारा मान्य होगा।

जिला स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता- दिग्विजय की अंकिता श्रीवास्तव ने बाजी मारी

शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय, में स्वीप कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग की कुलपति डाॅ. अरुणा पलटा द्वारा किया गया। डाॅ. पलटा ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनांए देते हुए कहा कि मतदान सभी के लिए जरुरी है। एक जागरुक नागरिक के लिए आवश्यक है कि वो अपने मतों का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि निर्वाचन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने से देश विकास की ओर अग्रसर होगा। वर्तमान समय में महिलाओं की हर क्षेत्र में भागीदारी बढ़ रही है। अतः निर्वाचन क्षेत्रों में भी उनकी भागीदारी बढ़नी चाहिए। महाविद्यालय की प्राचार्य डाॅ.बी.एन. मेश्राम ने कहा कि लोकतंत्र की सशक्तिकरण के लिए महिलाओं को आगे आना चाहिए, महिलाएं लोकतंत्र के लिए एक मजबूत आधार स्तंभ हो सकती है। आने वाले समय में हमें प्रयास करना होगा कि अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी हो। स्वीप कार्यक्रम के नोडल आॅफिसर डाॅ. शैलेन्द्र सिंह ने प्रारंभ में सभी प्रतिभागियों को स्पद्र्धा के नियमों की जानकारी दी। डाॅ. एस.एम. राय एवं डाॅ.़ लालचंद सिन्हा ने भी प्रतिभागियों को आवश्यक टिप्स दिया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान दिग्विजय महाविद्यालय की अंकिता श्रीवास्तव ने द्वितीय स्थान शासकीय नेहरु स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोंगरगढ़ की आकांक्षा सिंह ने तथा तृतीय स्थान शासकीय महाविद्यालय, डोंगरगांव के एकलव्य कुमार ने प्राप्त किया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छ.ग. शासन द्वारा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को क्रमशः 2500, 2000 एवं 1500 की राशि प्रदान की जायेगी। प्रतियोगिता में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलसचिव डाॅ. सी.एल. देवांगन एवं डाॅ. नीलम तिवारी भी उपस्थित थी।

रसायन शास्त्र विभाग में दो दिवसीय राष्ट्रीय वेब संगोष्ठी का सफल आयोजन

शासकीय दिग्विजय स्वसाशी स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव की प्राचार्य डॉ बी एन मेश्राम के मार्गदर्शन एवं रसायन शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफ़ेसर यूनुस रज़ा बेग के निर्देशन में दो दिवसीय राष्ट्रीय वेब संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया ।
राष्ट्रीय वेब संगोष्ठी का विषय ” रसायन विज्ञान में नवीन तथ्य / प्रचलन (Novel Trends in Chemical Sciences 2021) था जिसमें देश दृविदेश के विभिन्न क्षेत्रों से रसायन विज्ञान के विशेषज्ञ एवं वैज्ञानिकों ने अपने ज्ञान एवं कार्यानुभव से सभी सम्मिलित प्रतिभागियों को लाभान्वित किया द्य उक्त संगोष्ठी में प्रथम दिवस के उद्घाटन सत्र में विभागाध्यक्ष द्वारा राष्ट्रीय वेब संगोष्ठी की रुपरेखा व् उद्देश्य के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गईस इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ अरुणा पल्टाए कुलपतिए हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्गए विशिष्ट अतिथि डॉ हेमलता मोहबेए सेवानिवृत्त प्राचार्य शासकीय दिग्विजय स्वसाशी स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांवए कार्यक्रम कीकि अध्यक्षता डॉण् बी एन मेश्रामए प्राचार्यए शासकीय दिग्विजय स्वसाशी स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव थेस साथ ये बताया गया कि उक्त कार्यक्रम के प्रथम दिवस के मुख्य प्रवक्ता प्रोफेसर स्वाधीन के मंडलए रसायन शास्त्र विभागए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एजूकेशन एंड रिसर्च ;आई आई एस इ आरद्ध कलकत्ता ;जिन्हें वर्ष 2018 में उनके अति विशिष्ट कार्य के लिए देश में रसायन के क्षेत्र में दिया जाने वाला सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार शांतिस्वरूप भटनागर पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका हैद्ध तथा अन्य प्रवक्ता प्रोफेसर कौशिक घोषए रसायन शास्त्र विभागए आई आई टी रुड़की एवं डॉ हेमलता मोहबे रहेस साथ ही भारत के विभिन्न क्षेत्रों से सम्मिलित शिक्षकए शोधार्थी व् विद्यार्थियों द्वारा उनके शोध पत्रों का प्रस्तुतीकरण भी दिया जाएगा द्य द्वितीय दिवस के मुख्य प्रवक्ता प्रोफेसर शंकर प्रसाद रथए आई आई टी कानपुर तथा अन्य प्रवक्ता डॉण् चितरंजन दासए वैज्ञानिक जर्मनी एवं डॉ राजेन्द्र प्रसाद ठाकुरए वैज्ञानिक सी एस आई आर लैब भावनगर गुजरात थे ।
विभागाध्यक्ष के उद्बोधन के पश्चात् कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉण् अरुणा पल्टा ने रसायन शास्त्र के दैनिक जीवन में अनुप्रयोगों व इनके विभिन्न क्षेत्रों के बारे में सारगर्भित उद्बोधन दिया द्य साथ ही उनके द्वारा बताया गया कि कैसे शोध कार्यों को बेहतर बनाकर समाज में अपना योगदान दिया जा सकता है द्य विशिष्ट अतिथि व क्षेत्र के प्रमुख रसायन विद डॉ हेमलता मोहबे द्वारा रसायन शास्त्र विषय कि प्रासंगिकता के बारे में विस्तार से बताया गया कि किस प्रकार हमारे जीवन को और विस्तृत करने में रसायन के शोध कार्यों का योगदान है साथ ही इस वर्ष के नोबेल पुरस्कार के बारे में भी संक्षिप्त जानकारी दी गई ।
कार्यक्रम कि अध्यक्षता कर रही महाविद्यालय कि प्राचार्य डॉ बी एन मेश्राम द्वारा अध्यक्षीय उद्बोधन में बताया गया कि इस प्रकार कि संगोष्ठी से सम्मिलित समस्त प्रतिभागियों को किस प्रकार लाभ प्राप्त होगा द्य उनके शैक्षणिक तथा शोध कार्यों में किस प्रकार नई जानकारी को सम्मिलित कर इसे बेहतर बना सकते है तथा स्वसाशी के द्वारा बताया गया कि भारत के सर्वोच्च संस्थान जैसे इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एजूकेशन एंड रिसर्च;आई आई एस ई आरद्ध एवं इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी ;आई आई टीद्ध के विषय विशेषज्ञ प्रथम बार रसायन शास्त्र के किसी संगोष्ठी में सम्मिलित हो रहे है यह हमारे लिए सम्मान की बात है ।
प्रथम दिवस के मुख्य प्रवक्ता प्रोफ़ेसर स्वाधीन कुमार मंडल द्वारा बताया गया कि किस प्रकार वायुमंडल में उपस्थित ब्व्2 को मेथेनाल जैसे उपयोगी पदार्थों में परिवर्तित कर उसका उपयोग पैट्रोल से चलने वाली वाहन में किया जा सकता है साथ ऐसा करने से वातावरण में उपस्थित ब्व्2 के उपयोग होने से वातावरण भी शुद्ध होगा साथ ही ईंधन कि समस्या का भविष्य में समाधान भी निकला जा सकता है द्य प्रोफ़ेसर मंडल के इसी कार्य के लिए उन्हें शांतिस्वरूप भटनागर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है द्य प्रथम दिवस के दुसरे प्रवक्ता के रूप में जुड़े क्षेत्र के प्रमुख रसायनविद डॉ हेमलता मोहबे द्वारा विद्युत. चुम्बकीय विकिरण जैसे ग्.किरणए गामा किरण व् अन्य विकिरण का चिकित्सा के क्षेत्र में किस प्रकार उपयोग किया जाता है और बीमारियों को पहचानने तथा उनके इलाज़ में इनका किस प्रकार उपयोग किया जा रहा है इसके बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई साथ बताया गया कि भविष्य में इनके और क्या क्या उपयोग होने कि संभावना है द्य प्रथम दिवस के द्वितीय तकनिकी सत्र में प्रोफेसरों तथा शोधार्थियों के शोध पत्रों का प्रस्तुतीकरण हुआ तत्पश्चात प्रथम दिवस के अंतिम प्रवक्ता के रूप में प्रोफ़ेसर कौशिक घोष द्वारा व्याख्यान दिया गया द्य अपने विशेष व्याख्यान में उन्होंने बताया कि क्यों अँधेरी और गहरी जगह मेंए खासकर कुँओं में विषैली गैस भ्2ै मौत का कारण बनती है द्य सामान्य लोगों को इसका ज्ञान होना चाहिए द्य उन्होंने अपने व्याख्यान में ये भी बताया कि कैसे नाइट्रिक आक्साइडए हाइड्रोजन सल्फाइड तथा कार्बन मोनो आक्साइड का उपयोग दवाई के रूप में किया जा सकता है ।
द्वितीय दिवस के मुख्य प्रवक्ता प्रोफ़ेसर शंकर प्रसाद रथ आई आई टी कानपुर के प्रसिद्ध वैज्ञानिक ने अपने व्याख्यान आक्सीजन के साथ जीवन ;स्पमि ूपजी वगलहमदद्ध में आक्सीजन के महत्व पर प्रकाश डाला गया साथ ही बताया गया कि यह किस प्रकार का आक्सीकारक होता है द्य जैविक कोशिका में आक्सीकरण को रोककर कैसे बुढ़ापे को दूर किया जा सकता है जिसे हम प्रतिआक्सिकारक ;।दजपवगपकंदजद्ध के नाम से जानते है यह सभी उनके व्याख्यान में शामिल था द्य द्वितीय दिवस के दुसरे व्याख्यान डॉ चितरंजन दास जो कि जर्मनी में वहां कि सरकार कि आर्थिक सहयोग से अपना स्टार्ट दृ अप के बारे में बताया साथ ही सोलर सेल के क्षेत्र में अपने महत्वपूर्ण कार्यों से विद्यार्थियों को अवगत कराया द्य सोलर सेल में किस प्रकार इलेक्ट्रान के प्रवाह में अवरोध को समाप्त किया जा सकता है यह उनके विशेष व्याख्यान का आकर्षण था।
अंतिम व्याख्यान में डॉ राजेंद्र प्रसाद ठाकुर ने छडत् की मदद से कैसे आयुर्वेदिक औषधियों में डोज निर्धारण किया जा सकता है इनकी संभावनाओं से अवगत कराया है ।
उपरोक्त सभी प्रवक्ताओं के व्याख्यान के पश्चात् शोधार्थियों द्वारा अपने शोध पत्रों का प्रस्तुतिकरण किया गयास सम्पूर्ण देश के लगभग 14 राज्यों के 277 प्रतिभागी जुड़े थे तथा लगभग 44 शोधार्थियों के अब्स्ट्रैक्ट प्राप्त हुए जिसमे से शोध पत्र प्रस्तुतिकरण में 26 शोधार्थियों ने भाग लियास इसमें प्रथम स्थान पर डॉ आर सुभाषए मैसूरूए द्विअतीय डॉ सतीश चौहानए महारष्ट्र एवं तृतीय स्थान पर भिलाई की छात्रा एन जयश्री रहेस उक्त राष्ट्रीय वेब संगोष्ठी के संयोजक प्रोफ़ेसर यूनुस रज़ा बेगए उपसंयोजक डॉ प्रियंका सिंहए संयोजक सचिव प्रोफ़ेसर गोकुल राम निषाद एवं डॉण् अश्वनी कुमार शर्मा रहे साथ ही सभी सदस्य प्रोफ़ेसर रीमा साहूए डॉ डाकेश्वर वर्माए प्रोफ़ेसर विकास कांडेए श्री शरद कुमार तिवारीए डॉ फुलेश्वर कुमार वर्मा एवं महाविद्यालय के वनस्पति शास्त्र विभाग से डॉण् त्रिलोक देव का सहयोग एवं प्रोत्साहन सम्पूर्ण संगोष्ठी के दौरान मिलता रहा द्य सम्पूर्ण संगोष्ठी में डॉण् हेमलता मोहबे का उपस्थिति सबसे सक्रीय सहभागिता रही द्यशोध प्रस्तुतीकरण तकीनीकी सत्र में निर्णायक के रूप में डॉ आशीष असटकरए सहायक प्राध्यापकए शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोंडागांव कि उपस्थिति ने सम्पूर्ण सत्र को सफल बनाया द्य तकनिकी सहयोगी श्री राजू खूंटेए श्री आशीष कुमार मांडलेए श्री यीस्टदेव देवांगनए अमित कुमार देवांगन एवं कुलेश्वर प्रसाद पटेल सभी का सक्रीय सहभागिता ने उक्त कार्क्रम को सफल बनाया द्यकार्यक्रम कि सफलता के लिए महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों ने शुभकामनाये प्रेषित कि द्य उक्त कार्यक्रम के लिए स्वशासी परीक्षा प्रकोष्ट द्वारा आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया ।