स्वशासी विस्तार के लिए यूजीसी टीम ने किया दिग्विजय काॅलेज का मूल्यांकन

स्वशासी विस्तार के लिए यूजीसी टीम ने किया दिग्विजय काॅलेज का मूल्यांकन

शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के स्वशासी विस्तार के लिए यूजीसी द्वारा गठित चार सदस्यीय समिति ने निरीक्षण-मूल्यांकन कर अपना प्रतिवेदन यूजीसी को भेज दिया है। इस प्रतिवेदन के आधार पर ही महाविद्यालय को अगले पांच वर्षों के लिए पुनः स्वशासी अधिकार मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है। देश के जानेमाने इतिहासकार डाॅ. ए. के मित्तल, कुलपति बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय, लखनउ की अध्यक्षता में गठित इस समिति में अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, भोपाल के भूगोल विभाग के अध्यक्ष डाॅ. विजय कुमार सिंह और यूजीसी को-आॅर्डिनेटर श्री अशोक कुमार गर्ग शामिल थे। क्षेत्रीय अपर संचालक, उच्च शिक्षा डाॅ. सुशील चंद्र तिवारी छत्तीसगढ़ शासन की ओर से प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
इस संबंध में प्राचार्य डाॅ. बी.एन. मेश्राम ने बताया कि महाविद्यालय के स्वशासी विस्तार के लिए यूजीसी द्वारा गठित समिति ने दो दिन तक महाविद्यालय के विगत पांच वर्षों की उपलब्धियों का अवलोकन और मूल्यांकन किया है। इस मूूल्यांकन में अध्ययन, अध्यापन तथा अनुसंधान सहित परिसर विस्तार, छात्रावास, खेल मैदान, व्यायामशाला, प्रयोगशाला, ग्रंथालय, रोजगार एवं प्लेसमेंट, कौशल प्रशिक्षण और नूतन तकनीक से युक्त अध्यापन शैली की गतिविधयां शामिल थीं। साथ ही स्वशासी निकाय के अधीन संचालित परीक्षा प्रणाली और उसकी वित्तीय व्यवस्था से संबंधित कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया गया है।
उल्लेखनीय है कि दिग्विजय महाविद्यालय को सत्र 1992-93 से स्वशासी महाविद्यालय का दर्जा प्राप्त है। महाविद्यालय को यह स्वायत्त अधिकार उसकी पांच वर्षीय उपलब्धियों के आधार पर प्रदान किया जाता है। प्राचार्य ने बताया कि समिति महाविद्यालय की पंचवर्षीय उपलब्धियों से संतुष्ट होकर गई है। आपने आगे बताया कि यूजीसी समिति ने महाविद्यालय के दो दिवसीय अवलोकन में शैक्षणिक एवं कार्यालयीन स्टाॅफ सहित एल्युमनी, जनभागीदारी समिति, तथा छात्र-छात्राओं से अलग-अलग मुलाकात कर महाविद्यालय की गतिविधियों का मूल्यांकन किया है।
एल्युमनी सदस्यों में पूर्व प्राचार्य डाॅ. हेमलता मोहबे, जनभागीदारी समिति अध्यक्ष श्री रईस अहमद शकील, आनंद सारथी, रशीद खान, श्रीमती शारदा तिवारी, श्रीमती वर्षा अग्रवाल, श्री इब्राहीम भाई, सूरज खंडेलवाल , श्री विकास गजभिये, श्री अरविन्द ठक्कर, डाॅ. ए. एन माखिजा, श्री आलोक जोशी, डाॅ.कैलाश देवागन, डाॅ.बी.एन. जागृत आदि उपस्थित थे।
समिति के महाविद्यालय परिसर में उपस्थिति के समय पारंपरिक ढंग से एनसीसी कैडेट्स द्वारा गार्ड आॅफ आॅनर देकर तथा शंखनाद कर स्वागत किया गया। महाविद्यालय के छात्र-छा़त्राओं ने समिति के समक्ष सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जिसकी सराहना समिति द्वारा की गई।