संस्कृत विभाग में राष्ट्रीय ई-व्याख्यान माला का आयोजन

शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के संस्कृत विभाग द्वारा राष्ट्रीय ई-व्याख्यान माला का आयोजन किया गया जिसमें देश के विभिन्न प्रान्तों के केंद्रीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्राध्यापकों ने विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन किया। प्राचार्य डॉ. के. एल. टांडेकर के निर्देशन में आयोजित इस राष्ट्रीय ई-व्याख्यान माला की संयोजिका संस्कृत विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. दिव्या देशपांडे,आयोजन सचिव डॉ. ललित प्रधान आर्य एवं सह सचिव डॉ.महेंद्र नगपुरे थे ।व्याख्यान माला के प्रथम पुष्प के रूप में डॉ. राघवेंद्र शर्मा, सहायक प्राध्यापकदृसाहित्य, शासकीय संस्कृत महाविद्यालय,रायपुर (छ.ग.)ने अलङ्कार शास्त्र विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।व्याख्यान माला के द्वितीय पुष्प के रूप में डॉ. धनंजयमणि त्रिपाठी, सहायक प्राध्यापकदृसंस्कृत, जामिया मिल्लिया इस्लामिया केन्द्रीय विश्वविद्यालय,नई दिल्ली ने श्रीमद्भगवद्गीता का शैक्षिक निहितार्थ विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।व्याख्यान माला के तृतीय पुष्प के रूप में डॉ. नौनिहाल गौतम, सहायक प्राध्यापकदृसंस्कृत डॉ. हरिसिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय,सागर(म.प्र.) ने लौकिक छन्द: परिचय एवं व्यावहारिक प्रयोग विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।व्याख्यान माला के चतुर्थ पुष्प के रूप में डॉ. कैलाश शास्त्री,सहायक प्राध्यापकदृसंस्कृत,सोनपुर महाविद्यालय,सोनपुर (ओड़ीशा) ने वर्तमान में संस्कृत की प्रासंगिकता विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।व्याख्यान माला के पंचम पुष्प के रूप में डॉ. संदीप कुमार,सहायक प्राध्यापकदृसंस्कृत,एन.ए. एस. महाविद्यालय,मेरठ (उ.प्र.) ने शब्दशक्ति विचार विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।इस राष्ट्रीय ई-व्याख्यान माला में न केवल दिग्विजय महाविद्यालय के संस्कृत विभाग के स्नातक एवं स्नातकोत्तर के अपितु सम्पूर्ण देश से विभिन्न प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की। ई-व्याख्यान माला के व्याख्यानों को यूट्यूब के माध्यम से भी लाइव किया गया।सहभागियों से मिमकइंबा प्राप्तकिए गए एवं उन्हें ई-प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया।