शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय विश्वविद्यालयीन आॅनलाइन वेबीनार प्रतिस्पर्धा में द्वितीय एवं जिले में अव्वल

शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव, छ.ग.

शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय विश्वविद्यालयीन आॅनलाइन वेबीनार प्रतिस्पर्धा
में द्वितीय एवं जिले में अव्वल

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय द्वारा विश्वविद्यालय स्तरीय आॅनलाईन अंतर्राष्टंीय एवं राष्टंीय वेबीनार प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया गया जिसमें शासकीय दिग्विजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव ने द्वितीय स्थान एवं जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया। दिग्विजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. श्रीमती बी.एन. मेश्राम के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में महाविद्यालय में एक अंतर्राष्टंीय एवं एक राष्टंीय वेबीनार का सफलतापूर्वक आयोजन हुआ। अंतर्राष्टंीय वेबिनार का आयोजन संयुक्त रुप से वनस्पतिशास्त्र, जंतुविज्ञान, माइक्रोबायोलाॅजी एवं रसायनशास्त्र विभाग के द्वारा ’’वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान चुनौतियाॅं एवं अवसर तथा इसके उच्चशिक्षा पर प्रभाव’’ विषय पर हुआ। इस अंतर्राष्टंीय वेबिनार में यू.एस.ए., केनेडा, बेल्जियम, जाम्बिया, ओमान, अरमेनिया, नाइजेरिया, मलेशिया, इथोपिया तथा भारत के तीन हजार प्रतिभागियों ने सहभागिता दी। डाॅ. माजिद अली एवं डाॅ. त्रिलोक कुमार इस अंतर्राष्टंीय वेबिनार के संयोजक तथा डाॅ. सोनल मिश्रा एवं श्री गोकुल निषाद आयोजन सचिव थे।

वहीं महाविद्यालय में राष्टंीय वे बीनार का आयोजन संयुक्त रुप से अंग्रेजी विभाग एवं आई.क्यू.ए.सी. के संयुक्त तत्वाधान में ’’इंटेलेक्चुअल प्राॅपर्टी राइट्स एण्ड पेट ट ें फाइलिंग ’’ विषय पर हुआ। डाॅ. अनिता शंकर इस राष्टंीय वे बीनार की संयोजक तथा डाॅ. नीलू श्रीवास्तव आयोजन सचिव थे। इस राष्टंीय वेबीनार में फिलिपींस, नेपाल तथा देशभर के ढाई हजार प्रतिभागियों ने सहभागिता दी। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस विश्वविद्यालय स्तरीय आॅनलाईन अंतर्राष्टंीय एवं राष्टंीय वेबीनार प्रतिस्पर्धा में निर्णायको ने प्रत्येक वेबीनार में पूरे समय उपस्थित रहकर वेबीनार से जुड़े विभिन्नबिन्दुओं, व्याख्यानों के गुणवत्ता, आवाज की स्पष्टता, प्र श्नोत्तरी के दौरान प्रतिभागियों की संतु ष्टी आदि पर गहनता से निरीक्षण करते हुए निर्णय दिये। ज्ञात हो कि इस स्पर्धा में दुर्ग विश्वविद्यालय के 25 से अधिक महाविद्यालयों ने हिस्सा लिया जिसमें से शास. व्ही.वाय.टी पी.जी. महाविद्यालय दुर्ग को प्रथम, शासकीय दिग्विजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव को द्वितीय, सेंट थाॅमस महाविद्यालय को तृतीय, शास. स्नातकोत्तर महाविद्यालय डोंगरगढ़ को चतुर्थ एवं शास. विज्ञान महाविद्यालय राजनांदगांव को पंचम स्थान प्राप्त हुआ। दुर्ग विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ़. अरुणा पल्टा ने समस्त विजयी महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं आयोजक प्राध्यापकों को इस उपलब्धी हेतु बधाई दी।