दिग्विजय महाविद्यालय में छात्राओं हेतु पांच दिवसीय आत्मरक्षा शिविर का आयोजन

शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय में महिला उत्पीड़न निवारण एवं विकास समिति के द्वारा छात्राओ को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी तथा आत्म रक्षा करने में सक्षम बनाने हेतु पांच दिवसीय “आत्म रक्षा शिविर” का आयोजन दिनांक 28 नवम्बर 2018 से किया गया │ इस कार्यक्रम का गरिमामय शुभारम्भ शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव के प्राचार्य डॉ. आर. एन. सिह. की उपास्तिथि में हुआ │ कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री राणा अजय सिह के द्वारा छात्राओं के लिए विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया │ श्री राणा अजय सिह स्कूल शिक्षा विभाग में क्रीडा शिक्षक है │ वे विगत सात वर्षों से महिला उत्पीड़न तथा आत्मरक्षा विषय पर अनुसधान कर रहे है │ उन्होंने महिलाओ तथा छात्राओ को आत्मरक्षा में सक्षम बनाने हेतु विभिन शालाओं, महाविद्यालयों तथा कार्यालयों में निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया है │

इस कार्यक्रम में छात्राओ को सिखाया गया कि आत्मरक्षा हेतु महिलाओं व् बालिकाओं को किसी विशेष हथियार या मार्शल आर्ट सम्बंधित प्रशिक्षण की आवश्यकता नही है │ रोज-मर्रा के जीवन शैली में प्रयुक्त होने वाली सामग्रियां जैसे बैग, पेन, हेयर-पिन आदि का प्रयोग करके भी महिलायें  आत्मरक्षा कर सकती है │ श्री अजय सिह द्वारा छात्राओ को कुछ साधारण दाँव – पेंच सिखाए गए जिसके द्वारा छात्राएं असाधारण रूप से अपनी रक्षा कर सकती है │ इन दाँव – पेंच को आजमाते समय उनका परिधान जेसे साड़ी, सलवार कमीज से भी कोई व्यधान नही होगा │

29 नवम्बर से प्रशिक्षण का दायित्व श्री मुरली सिंह भारद्वाज, वरिष्ठ प्रशिक्षक, पुलिस ट्रेनिंग स्कूल द्वारा सभाला गया।  श्री भारद्वाज राजनांदगांव कराटे संघ के सचिव भी हैं │ उनके साथ श्री दुर्गेश साहू (कराटे विशेषज्ञ – ब्लेक बेल्ट) तथा कु. छाया चक्रधारी  (कराटे विशेषज्ञ) भी छात्राओं को कराटे के गुर सिखाया

इस कार्यक्रम को महिला उत्पीड़न निवारण एवं विकास समिति की संयोजक  श्रीमती मीना प्रसाद तथा सदस्य श्रीमती प्रीति बाला टांक, डॉ. प्रियंका सिंह, श्रीमती रीमा साहू, श्रीमती ललिता साहू तथा श्रीमती कविता साकुरे के द्वारा सफलतापूर्वक शुभारम्भ किया गया │ इस कार्यक्रम के आयोजन में प्राचार्य महोदय डॉ. आर. एन. सिह, रसायनशास्त्र के विभागाध्यक्ष श्री युनुस रज़ा बेग तथा सहायक    प्राध्यापक गोकुल राम निषाद के द्वारा विशेष योगदान दिया गया │ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनाक 03 दिसम्बर तक चला   जिसमे छात्राओं को आत्मरक्षा के विभिन्न गुर सिखाए  गए │