सौ प्रतिशत मतदान हेतु शपथ एवं प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम आयोजित

सौ प्रतिशत मतदान हेतु शपथ एवं प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम आयोजित 13-03-2019

शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय में स्वीप प्लान के अंतर्गत युवा मतदाताओं को शत-प्रतिशत मतदान हेतु शपथ दिलाई गई। सर्वप्रथम स्वीप प्लान के नोडल अधिकारी डाॅ. शैलेन्द्र सिंह द्वारा मतदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि विश्व के अन्य देशों में मतदान देने हेतु संघर्ष किया गया था, लेकिन हमारा सौभाग्य है कि स्वतंत्रता के पश्चात् 1951 के पहले आम चुनाव में सभी को मत देने का अधिकार प्राप्त हुआ। अतः हम सभी को अपने मतों का प्रयोग करना चाहिए। जिला नोडल अधिकारी श्रीमती रश्मि सिंह ने कहा कि शत-प्रतिशत मतदान का लक्ष्य हमें पूरा करना है। अतः हम सभी अपने मतों का प्रयोग करे तथा सभी को निर्भीक मतदान हेतु प्रेरित करे। हमे अपने आस-पास के युवाओं को वोट देने हेतु प्रेरित करना होगा। लोकतंत्र के इस महापर्व में आपकी सहभागिता एक अच्छे सरकार के निर्माण में सहयोगी बनेगी।

                                                                                                                                        महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. आर.एन. सिंह ने कहा कि देश के निर्माण में युवाओं का मुख्य भूमिका होती है। हमें धर्म, जाति, सम्प्रदाय से उठकर स्वच्छ मतदान करना होगा। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में मतदाताओं की संख्या अधिक होने के बावजूद एक-एक मतों का अपना महत्व है। अतः आप सभी अपने मतो का प्रयोग करें।
इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए रोचक प्रश्न-उत्तरी को भी आयोजन किया गया, जिसमें सही उत्तर देने वालो को पुरस्कृत किया जायेगा। पुरस्कृत छात्र:- रूचि डाकलिया, संगीता यादव, दुलेन्द्र चन्द्रवंशी एवं उमेश सिन्हा। कार्यक्रम में डाॅ. अनिता महिश्वर, प्रो. हिरेन्द्र बहादुर ठाकुर, श्री विजय मानिकपुरी, प्रो. संजय सप्तर्षि, प्रो. युनुस रजा बेग, प्रो. गोकुल निषाद, प्रो. ललिता साहू, रेहाना अशरफी, श्री दीपक परगनिहा, रजिस्ट्रार तथा स्वीप के श्री मनोज चैबे सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित थी।

महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा फाईनेंस द्वारा 90 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति वितरण

महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा फाईनेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा महाविद्यालय के 80 स्नातक एवं 10 स्नातकोत्तर मेघावी विद्यार्थियों को महाविद्यालय के प्राचार्य डा. आर.एन. सिंह के दिषा निर्देषन में संपन्न हुये कार्यक्रम छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इसमें उन छात्रों को सम्मिलित किया गया था, जिन्होंने अपनी परीक्षा प्रथम श्रेणी मंे उत्तीर्ण की है। इसके अंन्तर्गत कंपनी के द्वारा बी.ए., बीएससी, बी.काॅम के विद्यार्थियों की अंतिम सुची तैयार की गई। कंपनी के सौजन्य से स्नातक के चयनित छात्र छात्राओं को 10,000/- रू. का एवं स्नातकोत्तर के छात्रों को 25 हजार रू का चेक एवं प्रमाण पत्र विद्यार्थियों को प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में कंपनी के श्री आषुतोष भट्ट सहायक प्रबंधक एच. आर., श्री मनीष अभिजित कुमार सहायक प्रबंधक एच. आर. एवं श्री आषिष दुबे ,श्री उमेष साहू षाखा प्रबंधक एवं संजय श्रीवास्त एक्जीक्युटिव उपस्थित थे। प्राचार्या डाॅ.चन्द्रिका नाथवानी ने कहा कि महिन्द्रा फायनेंस का यह प्रयास सराहनीय है। ऐसे प्रयासों से छात्रों को लाभ होगा तथा वे छात्रवृत्ति का उपयोग अपने कैरियर निर्माण एवं उच्च षिक्षा के लिये कर सकते हैं। प्रबंधक एच.आर. रायपुर के श्री आषुतोष भट्ट ने अपने उद्बोधन में कहा कि कंपनी फाईनेंस करने के अलावा प्रतिभावान छात्रों के लिए और कुछ करना चाहती है। अतः ऐसे मेघावी छात्र जो आर्थिक संकट की वजह से पढ़ाई नही कर सकते हैं, उन्हें प्रोत्साहित करना है।
छात्रा सरस्वती जैन, युवराज साहू , कु. गायत्री ,चित्रेष , विभा बोरकर, रमन सोनवानी , एवं कु. काजल साहू ने अपने विचार रखते हुए कहा कि कंपनी का यह प्रयास सराहनीय है। इस प्रकार के छात्रवृत्ति हमें और उत्साह और उर्जा के साथ अध्ययन करने एवं भविष्य में समाज में एक अच्छा स्थान प्राप्त करने में सहायक होगी कार्यक्रम का संचालन डाॅ. संजय ठिसके एवं आभार डाॅ. षैलेन्द्र सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर डाॅ. अनिता महिष्वर, डाॅ. के.एन. प्रसाद, डाॅ. एच. एस. अलरेजा, रवि कुमार साहू तथा छात्र-छात्राओं के पालकगण उपस्थित थे। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के रोजगार एवं मार्गदर्षन प्रकोष्ठ के तत्वाधान में संपन्न हुआ।

स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम नंदई चौक – समाज कार्य विभाग

समाज कार्य विभाग द्वारा प्रो. विजय मानिकपुरी के मार्गदर्शन में एक दिवसीय स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम नंदई वार्ड नं. 48 और 39 में स्वच्छता रैली निकाला एवं स्वच्छता अभियान चलाया गया जिसमें वार्ड की महिला , आंगनबाड़ी कार्यकर्ता , महिला कमांडो , महिला समूह आदि महिलाओं ने इस कार्यक्रम में भाग लिया विभाग के प्रो. विजय मानिकपुरी ने बताया कि हमें स्वच्छता रखना बहुत ही आवश्यक है जिससे कि विभिन्न प्रकार के बीमारियों का सामना करना पड़ता है सर ने यह बताया कि इस कार्यक्रम में रैली के माध्यम से लोगों की जागरूक करना भी आवश्यक है ।
डाॅ. ओमकार लाल श्रीवास्तव (कमला काॅलेज) ने यह बताया कि उन्होने ने स्वंय घर में सबसे पहले कचरे का खाद बनाने का कार्य किया यह भी बताये कि उन्होने ूंजमत ीमंतूंेजपदह का कार्य भी किया शहर में ये सब बातो को बताकर उन्होने शहर के लोगों में जागरूक करते हुये प्रेरित किये।
डाॅ. एच.एस.भाटिया दिग्विजय काॅलेज के (एच.ओ.डी कामर्स विभाग) ने बताये कि आज आयोजन एवं जागरूता कार्यक्रम बहुत हो रहे है। यह अच्छी पहल है , लेकिन यदि इसका 10 प्रतिशत उद्देश्य हम अपने व्यवहार में बाते है तो यह सार्थक सिद्ध होगा तभी यह सही मायने में जागरूकता होगा।
कोमल सिंह राजपूत- ने बताये कि समाज में सुधार करना आवश्यक है और यह कार्य समाज कार्य विभाग इस जगजारूकता के माध्यम से किया जा रहा है मेरी शुभकामना सभी को है।
विजय राय (वार्ड नं. 39 पार्षद) बताये कि हम सभी लोग अगर इसी तरह लोगो के बीच जाकर जागरूकता फैलाये तो ही हमारे शहर , देश स्वच्छ हो सकता है तथा अपने वार्ड 39 के बारे में बताया।
अकरम कुरैशी सर (ऊर्दु अकादमी पूर्व अध्यक्ष) ने बताया कि नंदई में निवास करने वाले सभी कार्यो में सबसे आगे रहते है।

महाविद्यालय में गांधी जी के जीवनी पर प्रष्नोत्तरी का आयोजन

शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव के वाणिज्य विभाग में आज महात्मा गांधी जी के 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर गांधी जी के जीवनी पर आधारित एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वाणिज्य के स्नातक व स्नातकोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को चार अलग-अलग समूह में बांटा गया तथा प्रत्येक समूह के लिए लाटरी पद्धति से प्रश्न का चुनाव किया गा। प्रत्येक उत्तर पर दो अंक निर्धारित किया गया था। प्रश्न का सही उत्तर नही देने पर अगले ग्रुप को उत्तर देने के लिए पास कर दिया जाता था जिसमें बोनस अंक प्रदान किया गया। यह प्रतियोगिता बहुत रोचक ढ़ंग से आयोजित किया गया। प्रतियोगिता में छात्र/छात्राओं सहित विभागाध्यक्ष डाॅ.एच.एस. भाटिया, प्रो. नूतन देवांगन, प्रो. संजय देवांगन, प्रो. सुमन बोथरा, प्रो. पिंकी गर्ग, श्रीमती स्वयंसिद्धा झा, प्रो. दिव्या पवार व अन्य शिक्षक उपस्थित थे। प्रतियोगिता में ग्रुप D ने 20 में से 15 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं ग्रुप A  ने 14 अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया

राज्य की सर्वश्रेष्ठ एथलीट बनी सविता निषाद

शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव की छात्रा सविता निषाद अंर्तविश्वविद्यालयीन राज्य स्तरीय एथलेटिक्स स्पद्र्धा में सर्वश्रेष्ठ एथलीट की। शाासकीय वल्लाभार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, महासमुंद में राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें सविता निषाद ने 5000 मी. दौड़ में प्रथम, 10000 मी. में प्रथम तथा 1500 मीटर दौड़ में तृतीय स्थान प्राप्त किया तथा प्रतियोगिता में राज्य की सर्वश्रेष्ठ एथलीट घोषित की गई। सविता विगत 3 वर्षों से लगातार दुर्ग विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करती आ रही है, इसके अतिरिक्त उन्होने मानपुर आयोजित ओपन एथटीक दौड़ प्रतियोगिता में भी द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सविता की इस उपलब्धि पर महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ.आर.एन. सिंह, क्रीड़ासंयोजक डाॅ.शैलेन्द्र सिंह, आईक्यूएसी संयोजक डाॅ.नीलू श्रीवास्तव, डाॅ. अनिता शंकर, डाॅ.अनिता साहा, प्रो. मजरी सिंह क्रीड़ाअधिकारी श्री अरुण चैधरी, रजिस्ट्रार श्री दीपक कुमार परगनिहा, श्री सुनील सिंह श्री रामू पाटिल तथा महाविद्यालय के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा बधाई दी गई।

रंगोली प्रतियोगिता

महात्मा गांधी के 150वीं जयंती पर शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव के वनस्पतिशास्त्र विभाग द्वारा गांधीजी, उनके संदेशो तथा स्वच्छता पर आधारित रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें महाविद्यालय के 15 विभागों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। उक्त कार्यक्रम डाॅ. अनिता महिश्वर, प्रो. त्रिलोक देव द्वारा संपन्न करवाया गया। प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका डाॅ.नीलू श्रीवास्तव, डाॅ.अनिता साहा, प्रो. मजरी सिंह, प्रो. सोनल मिश्रा, डाॅ.किरण जैन, प्रो. भावना साहू द्वारा निभाई गई।

समाज कार्य विद्यार्थियों ने षासकीय बौद्धिक मन्द बालक/बालिकाओं के विषेश विद्यालय के विद्यार्थियों से मिल कर उनके व्यक्तित्व/सामाजिक स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की

समाज कार्य विभाग के विद्यार्थियों के द्वारा प्र्र.प्राचार्य डाॅ. चन्द्रिका नाथवानी के निर्देषन व प्रो. विजय मानिकपुरी के मार्ग दर्षन में षासकीय बौद्धिक मन्द बालक/बालिकाओं का विषेश विद्यालय राजनांदगांव में एकदिवसीय अवलोकन का आयोजन किया गया। प्रो. विजय मानिकपुरी ने सबका स्वागत किया। उन्होने समाज कार्य के विद्यार्थियों के द्वारा अवलोकन के उद्देष्य को बताया कि हमें सामाजिक सरोकार से जुड़ना चाहिए एवं उनके संवेदना को समझना एवं मानवीय संवेदनषीलता प्रस्तुत कर उनको सहयता करना चाहिए आज दिव्यांगों के बीच हम अवलोकन हेतु प्रस्तुत हुए है और विद्यार्थियों को बैनर (बोर्ड) पर लिखे षब्दो के माध्यम से उनके अक्षर ज्ञान को भी बढ़ाने का प्रयास किया गया।
विद्यालय की षिक्षिका श्रीमती दिप्ती देवांगन ने बताया कि दिव्यांग बच्चों के साथ किस प्रकार से व्यवहार किया जाना चाहिए उन्होने वहां के बच्चों के बारे में पूरी जानकारी देते हुए कहा कि किस प्रकार से वहां के विद्यार्थी पढ़ते-लिखते व सुनते है साथ ही साथ वहां की व्यवस्था की जानकारी देते हुए उन्होने बताया कि विद्यार्थियों के लिए आठ प्रषिक्षण कक्ष, मनोरंजन कक्ष, व्यायाम कक्ष, पुस्तकालय, फिजियोथेरिपी, कम्प्यूटर कक्ष, चिकित्सा कक्ष, बाल निवास कक्ष, वाणी कक्ष आदि कि व्यवस्था के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्रदान किया।
अधीक्षक श्री. षिवषंकर पाण्डे ने दिव्यांग विद्यार्थियों से जुडी विभिन्न प्रकार की जानकारी देते हुए बताया कि विद्यार्थियों को किस प्रकार से उनके बातों को समझना एवं उनके गतिविधियों के बारे में जानना होता है उन्होने 21 प्रकार के दिव्यांगता के बारे में भी जानकारी प्रदान किया इस विद्यालय में 6 से 18 वर्श तक के विद्यार्थियों को रखने की षासन द्वारा स्वीकृित दी गयी है। उन्होने बताया कि यहां के बच्चों में विभिन्न प्रकार के बीमारियों जैसे- एच. आई., एम. आर. आई. आदि से ग्रसित बच्चों को रखा जाता है।
इस अवसर पर समाज कार्य विभाग के विद्यार्थियों द्वारा बच्चों के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के खेल-कूद, गीत, नुक्कड़ नाटक, डांस प्रस्तुत किये गये तथा दिव्यांग बच्चों के द्वारा भी एक समूह नृत्य देष भक्ति गीत पर प्रस्तुत किया गया। कार्य क्रम में मुख्य अतिथि श्री. षिवषंकर पाण्ड़े, श्री. महेन्द्र सोनवानी, श्रीमती दिप्ती देवांगन, श्रीमती षांति देविसकर, प्रो. विजय मानिकपुरी, श्री. हरीष चन्द्राकर एवं समाज कार्य के समस्त विद्यार्थी उपस्थित रहे। अन्त में प्रो. विजय मानिकपुरी ने बताया कि हमें बच्चों के साथ एक परिवार की तरह व्यवहार करना चाहिए विद्यार्थियों के द्वारा जो समूह नृत्य किया उसकी सराहना की और उनकी उज्जवल भविश्य के लिए षुभकामनाये दी। हम लोगों के वहां जाने से सभी बच्चों के चेहरे पर उत्साह व खुषी का भाव झलक रहा था इस प्रकार सभी को धन्यवाद प्रेसित करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोशणा की गयी।

फंक्शनल एनालिसिस पर व्याख्यान

शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव के गणित विभाग द्वारा एक दिवसीय अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया I जिसमे मुख्य वक्ता के रूप में शास. विज्ञान महाविद्यालय, रायपुर के गणित विभाग के प्राध्यापक डॉ. बी.पी. त्रिपाठी ने “ फंक्शनल एनालिसिस “ विषय पर अपने व्याख्यान दिए Iडॉ. बी.पी. त्रिपाठी ने फंक्शनल एनालिसिस के बेसिक कांसेप्ट को समझाते हुए विद्यार्थियों को विभिन्न महत्वपूर्ण गुणधर्म एवं प्रमेय का प्रयोग बताया I डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि फंक्शनल एनालिसिस का अनुप्रयुक्त विज्ञान एवं गणित में बहुत महत्वपूर्ण योगदान है Iअवकल समीकरण , आंशिक अवकल समीकरण एवं क्वांटम भोतिकी के सवालों को इसके द्वारा हल किया जाता है I हान – बनाख प्रमेय का हल इसके उपयोग से संभव होता है I डॉ. त्रिपाठी ने नेट / सेट परीक्षा में फंक्शनल एनालिसिस से पूछे गए प्रश्नों के हल तथा पाठ्यक्रम को भी विस्तार से समझाया I उनके इस व्याख्यान से एम.एस. सी. पूर्व एवं अंतिम वर्ष के विद्यार्थी लाभान्वित हुए I उक्त व्याख्यान में विभाग के प्राध्यापक डॉ. हेमंत साव एवं प्रो. विनय मसियारे उपस्थित थे I

दिग्विजय की छात्राओं को प्राप्त हुई लोरियल कंपनी की छात्रवृत्ति

महाविद्यालय कि दो छात्राओं कु. प्रियंका साहू और कु. कविता साहू को विष्व प्रसिद्व कास्मेटिक कंपनी लोरियल कि छात्रवृत्ति के रूप में 250000. (दो लाख पचास हजार रूपए) प्राप्त हुये। दोनो मेघावी छात्रायें बी.एस.सी. प्रथम गणित एवं जीव विज्ञान विषय लेकर महाविद्यालय में अध्ययनरत है। छात्राओ ने इस छात्रवृत्ति का पुरा श्रेय महाविद्यालय के प्राचार्य डा. आर.एन.सिंह और महाविद्यालय के रोजगार एवं मार्गदर्षन प्रकोष्ठ को दिया है इन्होने बताया कि छात्रवृत्ति प्राप्त करना काफी कठिन कार्य था। सबसे पहले उन्हे आन लाईन आवेदन प्रस्तुत करना पड़ा जो भारत के विभिन्न राज्यो के छात्राआंे ने भरा था। इसके पष्चात राष्ट्रीय स्तर पर इन दोनो छात्राओं का मोबाइल में षिक्षण के क्षेत्र में वे क्या करना चाहती है इस पर काफी कठिन प्रष्न किये गये। यह साक्षात्कार अपने आप में छात्रओं की षैक्षणिक गुणवत्ता को प्रदषर््िात करता है। अंतिम साक्षात्कार कोलकाता स्थित लोरियल कंपनी के कार्यालय में हुआ। छात्र कु. प्रियका ने बताया कि इन कठिन प्रष्नों कि तैयारी में प्राचार्य डा. आर.एन. सिंह एवं रोजगार एवं मार्गदर्षन प्रकोष्ठ के डा. षैलेन्द्र सिंह, डा. संजय ठिसके, डा. के.एन.प्रसाद ने अपना महत्वपुर्ण योगदान दिया। डाकुमेन्टेषन की तैयारी में प्रकोष्ठ के रवि कुमार साहू का विषेष योगदान रहा। इन दोनो छात्रओं ने बताया कि वे इस राषि का पुरा उपयोग वे भविष्य में उच्च षिक्षा प्राप्त करने एवं प्रतियोगी परिक्षाओं कि तैयारी में व्यय करेंगी। ये भविष्य में प्राध्यापक बनना चाहती है। महाविद्यालय के प्राचार्य एवं समस्त स्टाफ ने छात्राओं को भविष्य में सफलता प्राप्त करने की षुभकामनायें प्रेषित की।

राजनांदगांव के राजा बलराम दास जी ने रायपुर की जनता के लिए पानी की व्यवस्था की थी

राजनांदगांव के राजाओं ने आजादी के आंदोलन में बौद्धिक जागृति का अलख जगाने में बड़ी भूमिका अदा की थी। राजनांदगांव के राजा बलराम दास ने तो रायपुर की जनता के पानी पीने के लिए बहुत बड़ी टंकी का निर्माण करवाया था। उक्त विचार दिग्विजय महाविद्यालय के इतिहास और समाजशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित पदम श्री गांधीवादी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री महादेव प्रसाद पाण्डे के सम्मान समारोह के अवसर पर प्रसिद्ध इतिहासकार डाॅ. रमेन्द्र नाथ मिश्र ने कहा। डाॅ.मिश्रा ने कहा कि 1857 की क्रान्ति से लेकर 1947 की आजादी छत्तीसगढ़ का गौरव पूर्ण इतिहास रहा है। शहीद वीरनारायण सिंह ने रायपुर जेल से भागकर अंग्रेजो से लोहा लिया था। सुरेन्द्र सिंह ने तो 1828 से 1884 तक अपने पूरे जीवन स्वतंत्रता की लड़ाई की। आज की युवा पीढ़ी ने स्वतंत्रता का अर्थ स्वच्छदता ले लिया है। पहली बार 20 दिसंबर 1920 महात्मा गांधी छत्तीसगढ़ आए थे उनके आगमन से पूरे छत्तीसगढ़ में एकता की लहर दौड़ पड़ी। उन्होने ंविद्यार्थियों को बतलाया कि 1 जनवरी 1906 को ही छत्तीसगढ़ का नक्शा बन गया था। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डाॅ. शैलेन्द्र सिंह ने बतलाया कि इतिहास का अध्ययन पुस्तकों में दर्ज तथ्यों, तर्को से सभी करते है पर कोई सशरीर उपस्थित इतिहासकार जब इतिहास को जीकर उसकी व्याख्या करता है तो उसका अनुभव ही अविस्मरणीय होता है। उन्होने बतलाया कि राजनांदगांव की जनता ने स्वतंत्राता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई थी। सन् 1909 को ही राजनांदगांव में लोगो को जागरुक करने के लिए सरस्वती पुस्तकालय की स्थापना हुई थी। छत्तीसगढ़ की जनता तो दो मोर्चो पर लड़ाई लड रही थी एक राष्ट्रीय आंदोलन और दूसरी तरफ रियासतों के बीच वह खडी थी। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पदम श्री महादेव प्रसाद पाण्डे ने बतलाया कि 13 वर्ष की उम्र में वे जेल गए और जेल में वे जमीन पर सोते थे तो घर पर उनके पिता भी जमीन पर सोने थेे। युवाओं को आजादी के लाभ के उठाए है पर इसके लिए की गई साधना का महत्व भी उनको समझना चाहिए। आजादी का मतवाला एक होता था लेकिन उसका संघर्ष पूरा परिवार करता था। उन्होनें कहा लोगो में आशिकी होनी चाहिए यह आशिकी स्वतंत्रता के पश्चात की नही वरन स्वतंत्रता के पहले की होनी चाहिए जो चन्द्रशेखर आजाद, भगतसिंह, राजगुरु, सुखदेव ने देश के साथ की थी। पहले लोग गांधी जी के विचार को सुनकर उनका पालन करते थे, ऐसी आस्था जनता की नेताओं के प्रति होती थी। आज के परिप्रेक्ष्य में हमे गांधीजी के सिंद्धातों का परिपालन करते हुए स्वतंत्रता का महत्व समझना होगा। कार्यक्रम में गांधीवादी दस्तावेजो की प्रदर्शनी आशीष दास लगाई जिसमें 100 वर्ष पुराने अखबार नवजीवन तथा ऐतिहासिक चित्रों के साथ विभिन्न भाषाओं में गांधीवादी दस्तावेजो, समाचार पत्रों तथा गांधीवादी पत्रो का प्रदर्शन किया। जिसे इतिहास के विद्यार्थियों के अलावा अन्य लोगो ने भी देखा और लाभ उठाया। अतिथियों का सम्मान प्र.प्राचार्या डाॅ.चन्द्रिका नाथवानी ने शाल और श्रीफल से किया। इस अवसर पर डाॅ़अमिता बक्शी, डाॅ. एच.एस. अलरेजा, प्रो. ललिता साहू, मीनाक्षी महोबिया, प्रो. हीरेन्द्र बहादूर ठाकुर एवं बडी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन में धन्यवाद ज्ञापन के साथ डाॅ. अनिल मंडावी ने किया ।