समाज कार्य विद्यार्थियों ने षासकीय बौद्धिक मन्द बालक/बालिकाओं के विषेश विद्यालय के विद्यार्थियों से मिल कर उनके व्यक्तित्व/सामाजिक स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की

समाज कार्य विभाग के विद्यार्थियों के द्वारा प्र्र.प्राचार्य डाॅ. चन्द्रिका नाथवानी के निर्देषन व प्रो. विजय मानिकपुरी के मार्ग दर्षन में षासकीय बौद्धिक मन्द बालक/बालिकाओं का विषेश विद्यालय राजनांदगांव में एकदिवसीय अवलोकन का आयोजन किया गया। प्रो. विजय मानिकपुरी ने सबका स्वागत किया। उन्होने समाज कार्य के विद्यार्थियों के द्वारा अवलोकन के उद्देष्य को बताया कि हमें सामाजिक सरोकार से जुड़ना चाहिए एवं उनके संवेदना को समझना एवं मानवीय संवेदनषीलता प्रस्तुत कर उनको सहयता करना चाहिए आज दिव्यांगों के बीच हम अवलोकन हेतु प्रस्तुत हुए है और विद्यार्थियों को बैनर (बोर्ड) पर लिखे षब्दो के माध्यम से उनके अक्षर ज्ञान को भी बढ़ाने का प्रयास किया गया।
विद्यालय की षिक्षिका श्रीमती दिप्ती देवांगन ने बताया कि दिव्यांग बच्चों के साथ किस प्रकार से व्यवहार किया जाना चाहिए उन्होने वहां के बच्चों के बारे में पूरी जानकारी देते हुए कहा कि किस प्रकार से वहां के विद्यार्थी पढ़ते-लिखते व सुनते है साथ ही साथ वहां की व्यवस्था की जानकारी देते हुए उन्होने बताया कि विद्यार्थियों के लिए आठ प्रषिक्षण कक्ष, मनोरंजन कक्ष, व्यायाम कक्ष, पुस्तकालय, फिजियोथेरिपी, कम्प्यूटर कक्ष, चिकित्सा कक्ष, बाल निवास कक्ष, वाणी कक्ष आदि कि व्यवस्था के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्रदान किया।
अधीक्षक श्री. षिवषंकर पाण्डे ने दिव्यांग विद्यार्थियों से जुडी विभिन्न प्रकार की जानकारी देते हुए बताया कि विद्यार्थियों को किस प्रकार से उनके बातों को समझना एवं उनके गतिविधियों के बारे में जानना होता है उन्होने 21 प्रकार के दिव्यांगता के बारे में भी जानकारी प्रदान किया इस विद्यालय में 6 से 18 वर्श तक के विद्यार्थियों को रखने की षासन द्वारा स्वीकृित दी गयी है। उन्होने बताया कि यहां के बच्चों में विभिन्न प्रकार के बीमारियों जैसे- एच. आई., एम. आर. आई. आदि से ग्रसित बच्चों को रखा जाता है।
इस अवसर पर समाज कार्य विभाग के विद्यार्थियों द्वारा बच्चों के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के खेल-कूद, गीत, नुक्कड़ नाटक, डांस प्रस्तुत किये गये तथा दिव्यांग बच्चों के द्वारा भी एक समूह नृत्य देष भक्ति गीत पर प्रस्तुत किया गया। कार्य क्रम में मुख्य अतिथि श्री. षिवषंकर पाण्ड़े, श्री. महेन्द्र सोनवानी, श्रीमती दिप्ती देवांगन, श्रीमती षांति देविसकर, प्रो. विजय मानिकपुरी, श्री. हरीष चन्द्राकर एवं समाज कार्य के समस्त विद्यार्थी उपस्थित रहे। अन्त में प्रो. विजय मानिकपुरी ने बताया कि हमें बच्चों के साथ एक परिवार की तरह व्यवहार करना चाहिए विद्यार्थियों के द्वारा जो समूह नृत्य किया उसकी सराहना की और उनकी उज्जवल भविश्य के लिए षुभकामनाये दी। हम लोगों के वहां जाने से सभी बच्चों के चेहरे पर उत्साह व खुषी का भाव झलक रहा था इस प्रकार सभी को धन्यवाद प्रेसित करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोशणा की गयी।