रसायन शास्त्र विभाग द्वारा कोल्ड स्टोरेज इकाई घोरदा का शैक्षणिक भ्रमण

शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव के प्राचार्य डॉण् आरण् एनण् सिंह के मार्गदर्शन व रसायन शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर यूनुस रज़ा बेग के नेतृत्व में एमण्एस सीण् पूर्व व अंतिम ;रसायन शास्त्रद्ध के विद्यार्थियों के द्वारा विस्तार गतिविधि के अंतर्गत कोल्ड स्टोरेज घोरदा का भ्रमण किया गया
राजनांदगांव जिले के ग्राम घोरदा में स्थित वरु एंड संस कोल्ड स्टोरेज इकाई जो राजनांदगांव से डोंगरगांव मुख्य मार्ग में स्थित है द्य कोल्ड स्टोरेज में कुछ विशेष प्रकार के खाद्य सामग्री जैसे दृ मिर्चए महुआए सोयाबीनए बेर आदि को निम्न ताप ;लगभग 6वब् से 8वब् तक द्ध पर सुरक्षित रखा जाता है द्य यह प्राचीन तकनीक पर आधारित है जिस तकनीक में बिना कोई खाद्य सुरक्षा रसायन मिलाये कम ताप पर खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखा जाता है द्य कोल्ड स्टोरेज के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री वरु जी द्वारा भ्रमण के दौरान बताया गया की सम्पूर्ण कोल्ड स्टोरेज का तापमान वर्ष भर एवम पुरे चौबीस घंटे निम्न व एक जैसे रहता है जिससे खाद्य पद्रार्थ के सड़ने की कोई संभावना नहीं होती द्य कोल्ड स्टोरेज इकाई की स्थापना सन 2013 राज्य सरकार के सहयोग से की गई जिसमे स्थानीय किसान के अलावा अन्य राज्यों के किसान व व्यापारियों की खाद्य सामग्रियों को सुरक्षित रखा जाता है द्य कोल्ड स्टोरेज की कार्य प्रणाली को समझाते हुए बताया गया की पूरी इकाई को तीन खंड में विभाजित किया गया है और हर इकाई संरचना की दृष्टिकोण से एक जैसे है यह कुल पांच तलों में बना हुआ है जिसमे प्रत्येक तल की औसतन ऊंचाई छः फीट है जिनका तल बांस व अन्य लकड़ियों से बना हुआ है हर तल में बड़े आकर के उच्च क्षमता वाला पंखा लगा हुआ है जिसका कार्य ठण्डी हवाओं को सभी तलों में घुमाना है द्य सभी तलों में अमोनिया गैस से भरी पाइप बिछी हुई है जो हवाओं को ठंडा करने का कार्य करता है द्य अमोनिया गैस के पाइप का इनपुट और आउटपुट के लिए अलग अलग मार्ग है जो कोल्ड स्टोरेज के बाहर रेफ्रिजरेशन इकाई से जुडी है जो पूरी अमोनिया गैस को पाइपलाइन में घुमाने का कार्य करती है और इसके लिए कम्प्रेसर इकाई जोड़ी गई है
इस प्रकार कोल्ड स्टोरेज के सम्पूर्ण कार्य प्रणाली को बहुत अच्छे तरीके से बताया गया साथ ही विद्यार्थियों के प्रश्नों का जवाब भी दिया गया द्य उक्त विस्तार गतिविधि में विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉण् प्रियंका सिंहए श्री गोकुल निषादए डॉण् डाकेश्वर कुमार वर्मा भी रहे द्य